टीम एबीएन, कोडरमा। सिविल सर्जन कार्यालय, सभागार में जिला में कार्यरत चिकित्सा पदाधिकारियों को इ-संजीवनी (टेलीमेडिसिन) से संबंधित एक दिवसीय प्रशिक्षण सिविल सर्जन, कोडरमा डॉ अनिल कुमार के अध्यक्षता में संपन्न हुआ। जिसमें टेलीमेडिसिन के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की गई।
वहीं सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण सुदूरवर्ती क्षेत्र में रह रहे लोगों को टेलिकंसल्टेशन के माध्यम से बेहतर चिकित्सकीय स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्ध कराना, जिससे ग्रामीण अपने निकटवर्ती स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जिला एवं फकटर, अककटर के चिकित्सकों से मुफ्त उपचार का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने सभी चिकित्सकों को निर्देशित किया कि वे अपने रोस्टर के अनुसार आनलाइन हो कर अधिक से अधिक लोगों का उपचार करें।
वहीं जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी सह एनसीडी सेल के नोडल पदाधिकारी डॉ रमण कुमार नें कहा कि यह उतना ही प्रभावी है जितना एक टेलीफोन के जरिये चिकित्सा संबंधी किसी समस्या पर रोगी और स्वास्थ्य विशेषज्ञ आपस में बात करते हैं, साथ ही उन्होंने कहा कि ई-संजीवनी ओपीडी की संख्या को अधिक से अधिक बढ़ाने को कहा।
वहीं प्रशिक्षक के रूप में राज्य से आये टीम ने ई-संजीवनी के संदर्भ में विस्तृत जानकरी साझा करते हुये टेलिकंसल्टेशन की पुरी प्रक्रिया को लाइव टेलिकंसल्टेशन करके दिखाया गया। मौके पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक एवं जिला कार्यक्रम सहायक के द्वारा सभी चिकित्सकों से आग्रह किया गया कि सभी आॅनलाइन हो कर टेलिकंसल्टेशन करें जिसकी सप्ताहिक समीक्षा जिला नोडल आॅफिसर से की जायेगी।
कार्यक्रम के प्रशिक्षक शिव शंकर कुमार, अशोक तिग्गा के साथ ही डॉक्टर सुनील कुमार यादव, डॉक्टर नीरज कुमार साह, डॉक्टर कुलदीप कुमार, डॉ अनुज कुमार सिन्हा, डॉ सुनील कुमार, डॉ मयूरी सिन्हा, डॉ सत्यनारायण भगत, डॉ प्रशांत उपाध्याय, डॉ सौरभ रविकांत सिंह, डॉ आशीष राज, डॉ अजय कुमार रवि, डॉ विपिन कुमार, सत्येंद्र कुमार सिन्हा, अशोक कुमार यादव, डॉ राजेश कुमार दुबे एनसीडी कार्यालय के प्रदीप कुमार, दीपेश कुमार, सिद्धान्त ओहदार आदि उपस्थित थे।