टीम एबीएन, रांची। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के झारखंड के प्रभारी और बिहार के मंत्री डॉ अशोक चौधरी ने कहा कि 1932 के खतियान हेमंत सोरेन सरकार का महज एक पॉलिटिकल स्टंट है। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार 1932 के खतियान पर जो कुछ कर रही है, वह सतही है। चौधरी मंगलवार को मोरहाबादी स्थित राजकीय अतिथिशाला में प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि 2019 के विधानसभा चुनाव में 40 से अधिक सीटों पर चुनाव जदयू ने लड़ा था। पर जनता से अपेक्षित भरोसा नहीं मिल सका। पार्टी का स्वरूप संतोषजनक नहीं रहने के कारण ऐसा हुआ। अब पार्टी संगठन को मजबूत किया जा रहा है। खीरू महतो के नेतृत्व में पार्टी अगले छह माह में नये स्वरूप में दिखेगी।
मंगलवार को पार्टी पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों के साथ हुई बैठक में इस पर गंभीर चर्चा हुई है कि कैसे पार्टी को आने वाले समय में और मजबूत किया जाये। इसके लिए सभी प्रमंडलों में रैलियां होंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य में एक लाख सक्रिय सदस्य बनायेगी। झारखंड में जदयू हर जिले में रथ यात्रा भी निकालेगी।
उन्होंने कहा कि बिहार की तरह झारखंड में भी शराबबंदी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी सामाजिक बुराई है। विधवा विवाह, सती प्रथा जैसी बुराइयों के खिलाफ जिस तरह से महापुरुषों ने लड़ाईयां लड़ीं, शराबबंदी को लेकर भी ऐसा प्रयास करना चाहिए। उन्होंने झारखंड में भी जातीय गणना कराये जाने की मांग की। झारखंड सरकार को भी इसके लिए आगे आना चाहिए।
इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद खीरू महतो, पूर्व मंत्री सुधा चौधरी सहित अन्य नेता मौजूद थे।