- उप प्रमुख, 20 सूत्री अध्यक्ष और प्रमुख प्रतिनिधि ने कार्य स्थल का लिया जायजा
टीम एबीएन, इचाक। प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत मंगुरा स्कूल में 67 लाख की लागत से बनाई जा रही स्कूल में भारी अनियमितता बरती जा रही है। लगातार सूचना मिलने उप प्रमुख सतेंद्र कुमार, 20 सूत्री अध्यक्ष मनोहर राम, प्रमुख प्रतिनिधि सिकंदर कुमार ने औचक निरीक्षण किया। कार्य स्थल मंगूरा स्कूल पहुंचकर हो रहे अनियमितता को बारीकी से देखे।
उप प्रमुख सतेन्द्र कुमार ने बताया की जब स्कूल बनाने की बारी आती है तो सालों तक आंदोलन करना होता है तब जाकर स्कूल बनाया जाता है लेकिन ठेकेदार और जे ई के मिलीभगत से पैसों की बंदरबांट और कमीशन खोरी के चक्कर में स्कूल मे भारी अनियमितता देखा जा रहा है। इस प्रकार से सरकार के बदनामी भी किया जाता है। 20 सूत्री अध्यक्ष मनोहर राम ने बताया ठेकेदार की अकड़ की वजह से ग्रामीणों में दहशत के माहौल है। सही काम नहीं होने की वजह से अगर आवाज उठाते कोई व्यक्ती उठाते हैं तो उन लोगों के ऊपर रंगदारी केस में फंसा देने की धमकी दिया जाता है।
ठेकेदार अनिकेत कुमार से फोन कर मामला को अवगत कराया और इस्टीमिट की मांग किया। प्रमुख प्रतिनिधि सिकंदर कुमार रविदास ने बताया कि ठेकेदार के द्वारा मिट्टी युक्त बालू , मिट्टी युक्त छरी,3 नम्बर की इट की प्रयोग हो रहा है। स्कूल की कार्य की देखरेख कर रहे विकाश कुमार से पूछे जानें पर सब माल मेटेरियल को सही और एक नम्बर का बताया गया लेकिन निरीक्षण करने पर जे ई चंदन कुमार से बात की गई। और उपयोग हो रहे बालू, इट, छरी की नरम क्वालिटी को बताया गया,वह भी स्वीकार कीए की बालू और छरी में मिट्टी का अंश है। ठेकेदार द्वारा यह कह कर पल्ला झाड़ ली है कि बालू, इट, छरी अपना घर से नहीं देते हैं। बालू इट छरी जो मिलता है वहीं दे रहें हैं। ठेकेदार ने साफ-साफ कह दिया कि जो करना है कीजिए।
मिट्टी वाली बालू छरी की क्वालिटी से संबंधित जानकारी लेने की प्रयास किया गया लेकिन जेई बिना जवाब दिए साइड पर से भाग निकले। 20 सूत्री अध्यक्ष मनोहर राम उप प्रमुख सत्येंद्र कुमार मेहता प्रमुख प्रतिनिधि सिकंदर रविदास ने अनियमितता को देखते हुए काम को रोक देने की बात कही और अच्छी क्वालिटी की माल मटेरियल देकर काम करवाने का आदेश दर्जनों लोग मौजूद थे।