टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 15 जनवरी 2023 को सांस्कृतिक कार्य निदेशालय झारखंड सरकार द्वारा आयोजित तीन दिवसीय लोककला जतरा के तीसरे दिन जतरा नृत्य का प्रदर्शन किया गया, जिसमें करीब 35 सांस्कृतिक दलों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की दूसरी पाली के मंच में मुंडा नृत्य, छउ नृत्य, विलुप्त होता कीहो नृत्य, संथाली नृत्य, पाइंका नृत्य, मांडर का फ्यूजन, कुडुख नृत्य नागपुरी नृत्य इत्यादि दलों ने अपना नृत्य का कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
लोक कलाकारों के इस कार्यक्रम में लोक कला को देखने और दिखाने का विशेष अवसर प्राप्त हुआ। निदेशालय की ओर से यह एक अच्छा प्रयास किया गया ताकि लोक कला को जीवित रखा जा सके। सभी लोक कलाकारों ने झारखंड सरकार को धन्यवाद दिया। सरकार का यह प्रयास सराहनीय है। निदेशालय ने यह भरोसा दिया कि प्रतिवर्ष इस कार्यक्रम को जारी रखा जायेगा।
आज कार्यक्रम का समापन बहुत धूमधाम से किया गया। तकरीबन 2000 दर्शकों ने भरपूर मनोरंजन का आनंद लिया। कायर्क्रम का संचालन डॉ कोरनेलियुस मिंज ने किया और उदघोषण से शमां को बांधे रखा। साथ ही राज मोरया भी थे।
कार्यक्रम में पद्मश्री मधु मंसूरी, हंसमुख मनपुरण नायक, देवदास विश्वकर्मा, महावीर नायक, शरण उरांव विशेष रूप से उपस्थित हुए। निदेशालय के उपनिदेशक पूरे कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका में रहे। उपरोक्त जानकारी कार्यक्रम संयोजक डॉ जयकान्त इंदवार और बंदी उरांव ने दी।