- तीन महीने के अंदर दूसरी जगह किया जायेगा शिफ्ट
टीम एबीएन, धनबाद/ रांची। झरिया कोलफील्ड इलाके के अग्नि प्रभावित एवं भू-धंसान वाले बेहद खतरनाक इलाकों में रह रहे लगभग 60 हजार लोगों को हटाकर आगामी तीन महीनों के भीतर सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया जायेगा। केंद्रीय कोयला सचिव अमृत लाल मीणा और झारखंड के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने इस इलाके में कोयले का खनन करने वाली कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) और जिला प्रशासन के अफसरों को तीन महीने के टाइम फ्रेम के अंदर यह टास्क पूरा करने का निर्देश दिया है।
झरिया कोयलांचल में 70 ऐसी साइट चिह्नित की गई है, जहां जमीन के भीतर मौजूद कोयले में लगी आग बेहद खतरनाक रूप ले चुकी है और आए दिन जमीन धंसने के हादसे हो रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, झरिया में अग्निप्रभावित कुल 595 साइट हैं, लेकिन इनमें से 70 ऐसी है, जहां आबादी का एक पल भी रहना बेहद जोखिम भरा माना जा रहा है। पिछले कुछ सालों में इन इलाकों में अचानक जमीन फटने से मकान, मंदिर, मस्जिद, दुकान आदि के जमींदोज होने की दो दर्जन से भी ज्यादा घटनाएं हुई हैं।
ऐसे इलाकों में बरोरा, कतरास, लोदना, पुटकी बलिहारी, कुसुंडा, सिजुआ और बस्ताकोला के क्षेत्र हैं। सबसे पहले इन क्षेत्रों के लोगों को विस्थापित किया जाना है। लगभग 12 हजार परिवारों के 60 हजार लोग बीसीसीएल की ओर से बनाये गये पुनर्वास क्षेत्रों में या फिर अन्यत्र भेजे जायेंगे।
इनमें से साढ़े नौ हजार परिवार तो ऐसे हैं, जो कोलियरी की जमीनों पर अवैध तरीके से कब्जा करके रह रहे हैं। इनके अलावा 19 सौ लोग ऐसे हैं, जिनकी यहां पर जमीन और मकान हैं, कोयला कंपनी बीसीसीएल में काम कर रहे पांच सौ लोगों के परिवार भी इन बेहद खतरनाक क्षेत्रों में रह रहे हैं, इन्हें भी अन्यत्र भेजा जायेगा।