- शाखा अदालत में 76 एनपीए खातों का हुआ समझौता
- बैंक का कर्ज एक सहयोग,इसे चुकाना हमारा दायित्व : राजेन्द्र प्रसाद
टीम एबीएन, बरही। बैंक आफ इंडिया एरिया मैनेजर विमल कांत झा के नेतृत्व मे बैंक आफ इंडिया के करियातपुर शाखा के द्वारा शाखा अदालत का आयोजन किया गया। इस अदालत मे 76 एनपीए खातों का समझौता किया गया जिसमे कुल 65.00 लाख रूपए बकाया था। इस अदालत मे मुख्य रूप से एरिया मैनेजर विमल कांत झा, धनवार मुखिया राजेन्द्र प्रसाद, करियातपुर शाखा के प्रबंधक अविनाश आनंद, आंचलिक कार्यालय से वसूली विभाग के अधिकारी सुमंत कुमार एरिया आफिस से हितेश चौधरी, अजय कुमार, आनंद कुमार, आकाश एवं करियातपुर शाखा के बैंक बीसी शाहजहां खातून, युगेश्वर कुमार, मोहम्मद रिजवान आदि उपस्थित थे।
इस शाखा अदालत मे के सी सी, मुद्रा आदि ऋण का बैंक के आकर्षक योजनाओं द्वारा समझौता किया गया। इस लोक अदालत मे जो ऋण धारक एक मुश्त समझौता राशि जमा किया, उसे एरिया मैनेजर के द्वारा नो ड्यूज सर्टिफिकेट भी प्रदान कर दिया गया। एरिया मैनेजर विमल कांत झा ने पत्रकारों को बताया की अभी बैंक द्वारा विभिन्न शाखाओ में इस तरह का शाखा अदालत किया जा रहा है, इस तरह शाखा अदालत को संचालन करने का बैंक का मुख्य उद्देश्य वैसे लोगो को लाभ पहुँचाना है जो आर्थिक तंगी एवं सूखा ग्रसित के कारण ऋण के बोझ के तले तबे हुए है। ग्राहकों के रुझान को देखते हुए शाखा प्रबन्धक श्री अविनाश ने कहा कि भविष्य में इस तरह के शाखा अदालत को एक बार और कराने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि इस शाखा अदालत मे जो एनपीए ऋण धारक जान बुझ कर समझौता नहीं करवाए हैं ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके ऊपर कानूनी करवाई की भी प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। मुखिया राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि लोन लेना आपके लक्ष्य को पूरा करता है। कई प्रकार के लोन बैंक द्वारा उपलब्ध कराए जाते है जिसमे केसीसी लोन किसानों को लिए काफी लाभदायक होता है। समय पर लोन चुकाना आप का दायित्व है। लेकिन लोन से जल्दी छुटकारा पाना भी जरूरी है, ताकि आप अपनी आय और आमदनी का बिना किसी चिंता के फायदा उठा सकें। शाखा अदालत के माध्यम से ग्राहकों की समस्या के समाधान के लिए बैंक का प्रयास सराहनीय है।