टीम एबीएन, रांची। राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने पारसनाथ पर्वत-सम्मेद शिखरा पर उपजे विवाद पर मंगलवार को कहा कि कुछ लोग जबरन पारसनाथ पूजा स्थल को लेकर विवाद पैदा कर रहे हैं। पारसनाथ को लेकर आदिवासियों और जैनियों के बीच कोई विवाद नहीं है। पारसनाथ में सदियों से आदिवासी और जैन धर्म के लोग मिलजुलकर पूजा-पाठ करते आए हैं। कुछ लोग जबरदस्ती विवाद पैदा करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि कोई महाजुटान जैसी बात नहीं है। उन्होंने ओड़िशा के पूर्व सांसद सालखन मुर्मू को खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि झारखंड में केवल एक ही नेता हैं, शिबू सोरेन। अगर सालखन मुर्मू इतने बड़े नेता हैं, तो उन्हें ओड़िशा जाकर नेतागिरी करनी चाहिए। उन्हें ओड़िशा का मुख्यमंत्री, विधायक- सांसद बनना चाहिए। वे झारखंड में क्या कर रहे हैं। वहां पर स्थानीय विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने सभी पक्षों के साथ बैठक कर हल निकाल लिया है। वहाम आदिवासी और जैनी दोनों अपनी-अपनी मान्यता व रीति-रिवाज के साथ पूजा-पाठ करते रहेंगे। इसके बाद वहां विवाद कहां है।