पिपरा में कृषि कर्मशाला आयोजित
- फैसलों में अधिक उपज के लिए अपनाएं 3 एम फॉर्मूला : बीटीएम
टीम एबीएन, पीपरा-पलामू/ रांची। पिपरा प्रखंड की प्रखंड विकास पदाधिकारी अनिता केरकेट्टा कहा कि किसान अपनी फसलों में उत्पादन को बढ़ायें। इसके लिए कृषि उपकरण एवं तकनीक का सहारा लें। साथ ही कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि विभाग द्वारा फसलों को लगायें जाने संबंधी सलाह का अनुपालन करते हुए अगेती फसलों को लगायें, ताकि उत्पादन के साथ-साथ उत्पादन की अच्छी कीमत प्राप्त हो। प्रखंड विकास पदाधिकारी आज पिपरा प्रखंड में आयोजित रबी कर्मशाला में किसानों को कृषि संबंधी सलाह दे रहीं थीं। उन्होंने किसानों को रबी कर्मशाला में सीखी बातों को अन्य किसानों को अवगत कराने की बातें कही, ताकि ज्यादा -से-ज्यादा किसानों को इसका फायदा मिले। उन्होंने कृषि ऋण माफी योजना के लिए ई-केवाईसी कराने के लिए भी किसानों को प्रेरित किया।
रबी कर्मशाला की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख विक्रांत सिंह यादव ने की। प्रखंड तकनीकी प्रबंधक संजय कुमार ने किसानों को फसलों में अधिक उत्पादन लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसान भाई फसलों में अधिक उत्पादन के लिए धान, गेहूं के चक्र को छोड़कर 3-एम फामूर्ला को अपनाएं। इससे उन्हें अधिक उपज प्राप्त होगा। 3-एम का मतलब खरीफ में मक्का (मेज), रबी में सरसों (मस्टर्ड) तथा गरमा में मूंग की खेती करना होता है, जिससे किसानों को कम खर्च होगा। पानी की खपत भी कम होगी। खाद एवं कीटनाशक में लागत या खर्च कम होगा। पर्यावरण संरक्षण भी हो सकेगा। 3-एम तकनीक अपनाने से फसल का उत्पादन अधिक होगा और किसानों की आमदनी भी अधिक होगी। उन्होंने गेहूं की खेती में उर्वरक प्रबंधन पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने किसानों को सलाह दिया कि गई की बुआई के 21 दिन बाद पहली सिंचाई करें, इसके 3 दिन उपरांत 45 किलोग्राम यूरिया के साथ 100ेह्ण न्यूट्रीस्फीयर एन मिलाकर 1.5 एकड़ गेहूं के खेत में छिड़काव करें। नाइट्रोजन, पोटेशियम तथा जिंक का प्रयोग गेहूं के दाना बनने की प्रक्रिया के समय उपयोग करने की सलाह दी। रबी कर्मशाला में केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। किसानों को बताया गया कि 90% अनुदान पर ड्रिप/स्प्रिंकलर इरिगेशन सिस्टम दिया था रहा है। इस योजना का लाभ लेकर किसान अपनी फसल में अच्छी सिंचाई कर सकते हैं।
भूमि संरक्षण विभाग की पंप योजना, उद्यान विकास की योजना एवं झारखंड राज्य कृषि ऋण माफी योजना के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई एवं इसके फायदे के बारे में बताया गया। कृषि कर्मशाला में जिला परिषद सदस्य ददन पासवान, रवीन्द्र कुमार सिंह, सरईया मुखिया प्रियंका कुमारी, दलपतपुर मुखिया मीना देवी, बभण्डी मुखिया इसवंती देवी सहित जनसेवक, जनसेवक सह प्रखंड कृषि पदाधिकारी, किसान मित्र एवं विभिन्न गांवों के किसान उपस्थित थे।