टीम एबीएन, चतरा/ रांची। नक्सल विरोधी अभियान पर निकली सीआरपीएफ कोबरा 209 बटालियन, झारखंड जगुआर व जिला पुलिस के जवानों एवं टीएसपीसी नक्सलियों के साथ भीषण मुठभेड़ हुई है। चतरा जिले के कुंदा थाना क्षेत्र के पलामू बॉर्डर पर स्थित अनगड़ा-नागद जंगल में हुई इस मुठभेड़ में दोनों ओर से दर्जनों गोलियां चली।
इस बीच खुद पर सुरक्षाबलों को भारी पड़ता देख नक्सलियों का जत्था जंगल का लाभ उठाकर भाग निकला। मुठभेड़ के बाद जिले के एसपी राकेश रंजन के नेतृत्व में पुलिस और सीआरपीएफ जवानों की संयुक्त टीम ने जंगल में सर्च अभियान चलाया। सर्च अभियान के दौरान नक्सलियों के दैनिक उपयोग के समान भारी मात्रा में बरामद किये गये हैं। सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच की यह मुठभेड़ प्रतिबंधित टीएसपीसी नक्सली संगठन के 15 लाख के इनामी रीजनल कमांडर आक्रमण और 10 लाख के इनामी जोनल कमांडर शशिकांत उर्फ आरिफ के दस्ते के साथ हुई है।
मुठभेड़ के बाद चलाये गये सर्च अभियान के दौरान पुलिस ने एक वॉकी टॉकी और वायर, आर्मी पैटरनल क्लॉथ, दो मोबाइल फोन, दो सोलर प्लेट, खाना बनाने में उपयोग किये जाने वाले बर्तन, 8 स्टील प्लेट, 20 किलोग्राम चावल, सब्जी, कंबल, दैनिक उपयोग के कपड़े व नक्सलियों का पिट्ठू बैग समेत अन्य सामान बरामद किया गया है।
नक्सलियों से मुठभेड़ के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी राकेश रंजन ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि अब नक्सलियों का समय समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि नक्सली सरकार के आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाकर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दें, अन्यथा किसी न किसी दिन मुठभेड़ में गोली का सामना करना पड़ेगा।