टीम एबीएन, पदमा। प्रखंड के अडार में बामसेफ के भारतीय विद्यार्थी मोर्चा के हजारीबाग जिलाध्यक्ष प्रकाश कुमार पासवान के नेतृत्व में माता सावित्रीबाई फुले का 192वा जयंती समारोह बारी-बारी से पुष्प अर्पित कर मनायी गयी।
सहायक शिक्षक विजय कुमार ने सावित्रीबाई फुले के जीवन पर प्रकाश डाले। भारतीय बुद्धिस्ट सोसाइटी महासंघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमार दास ने कहा 3 जनवरी 1831 पुणे में जन्म हुआ। 9 वर्ष की आयु में उनकी विवाह ज्योतिबा राव फुले के साथ हुआ। 1840 ईस्वी में ज्योतिबा राव साहब के साथ सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जैसे सती प्रथा, बाल विवाह, विधवा होने पर पुनर्विवाह का पुरजोर विरोध किया। 1848 से में एक पाठशाला सावित्रीबाई फुले ने खोली। 1852 ईसवी में दो और स्कूल स्थापित किये। उनको सामाजिक बहिष्कृत किया गया। उस्मान शेख और फातिमा शेख अपनी जमीन स्कूल खोलने के लिए दिये। उनको एक भी बच्चे नहीं थे। 1874 ईस्वी में दत्तक पुत्र के रूप में ब्राह्मण काशीबाई के पुत्र यशवंत राव को गोद लिया। उनकी पढ़ाई के दौरान भारत में 1896 ईस्वी में बड़ी महामारी कॉलरा आयी। जिसकी चपेट में आने से 10 मार्च 1897 को उनकी मृत्यु हो गई।
मौके पर उपस्थित विद्यार्थी सिमरन, पुष्पांजलि, काजल, वर्षा, मनीष, दिव्यांश, श्याम, विशाल, विपिन समेत अन्य विद्यार्थी एवं चंदेश्वर पासवान, कुलदीप मेहता, विनोद पासवान, राजेश कुमार दास, मुकेश कुमार दास, संतोष कुमार दास आदि उपस्थित थे।