- पेंशन प्रकरण में एकपक्षीय लाभ पहुंचाने का दावा
- शिक्षा सचिव सहित वरीय अधिकारियों से की शिकायत, एफआईआर दर्ज कराने की मांग
टीम एबीएन, हजारीबाग। जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय एक बार अपनी कार्यशैली को लेकर सुर्खियों में है। ताजा मामला पेंशन प्रकरण से जुड़ा है। कार्यालय के लिपिक भरत भूषण पर एकपक्षीय लाभ व सांठ-गांठ सहित कई आरोप लगाते हुए झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षा सचिव, प्राथमिक शिक्षा निदेशक व आयुक्त सहित आरडीडीई, डीईओ को पत्र लिख कार्यवाई की मांग की है। संघ के प्रधान महासचिव कुमार सत्यपाल ने वरीय अधिकारियों से उक्त लिपिक पर एफआईआर दर्ज कराने की गुहार लगाई है।
क्या है विवाद : दरअसल, पूरा मामला पारिवारिक पेंशन भुगतान से जुड़ा है। उत्क्रमित मध्य विद्यालय नरैना चलकुशा के सहायक शिक्षक नंद किशोर प्रसाद की फरवरी 2022 में मृत्यु के बाद उनकी पत्नी मुन्ना देवी को पारिवारिक पेंशन सहित अन्य लाभ न दिए जाने से मामले ने तूल पकड़ा। उक्त शिक्षक की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी होने का दावा करने वाली सुनीता देवी ने भी पारिवारिक पेंशन का दावा ठोक दिया। जबकि उक्त शिक्षक की सेवा पुस्तिका में पत्नी के रूप में मुन्ना देवी का नाम अंकित है। मामले को झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने मुखरता से उठाते हुए कार्यालयी सांठ-गांठ होने का दावा किया है।
इस पूरे मामले की संचिका के प्रभारी लिपिक भरत-भूषण पर आरोप लगाते हुए संघ ने कहा कि दूसरे पक्ष को लाभ पहुंचाने की नीयत से उक्त लिपिक ने संचिका में अपुष्ट व अप्रमाणिक तथ्यों का उल्लेख किया है। पूर्व में उपायुक्त द्वारा दिए गए निर्देश को संचिका में दर्ज नहीं किया गया। इस पूरे मामले पर डीएसई द्वारा की गई सुनवाई का भी उल्लेख संचिका में नहीं किया गया। संघ ने कहा कि डीडीओ द्वारा तीन सेट में जमा कराए गए पेंशन प्रपत्र में से दो सेट संचिका से गायब कर दिये गये। उक्त लिपिक पर मामलों को वर्षों तक लटकाने आरोप भी संघ ने लगाया है। मामले पर लिपिक भरत भूषण से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने मोबाइल रिसीव नहीं किया। बहरहाल, ऐसे संजीदा मामलों का निपटारा न किये जाने से डीएसई कार्यालय पर सवाल उठना लाजिमी है।