टीम एबीएन, चरही (हजारीबाग)। चुरचू प्रखंड के ग्राम नानो ओरिया बेला के चडरी चट्टानी में संथाल आदिवासियों का सोहराय महोत्सव विगत पांच वर्षों से मनाया जा रहा है। वर्ष 2022 में कोरोना महामारी के कारण यह महोत्सव धूमधाम से नहीं मनाया गया। केवल पूजा-अर्चना की गयी। दिसोम सोहराय महोत्सव को मानाने के लिए हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो, गिरिडीह समेत अन्य कई जिलों से हजारों संथाल आदिवासी परिवार के लोग उक्त महोत्सव को मानने के लिए यहां पर आते हैं।
चडरी चट्टानी के पर्वत श्रृंखला की चोटियों से देखने पर शाम की बेला में लाइट जलने पर मरीन लैंड जैसा अद्भुत नजारा देखने को मिलता है। यह स्थल चरही से 25 किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित है। चडरी चट्टानी पिकनिक स्पॉट के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां पर सैलानियों की भीड़ हमेशा देखी जाती है।इस चट्टान के पहाड़ियों से हजारीबाग, दारू, झुमरा और सिलवार का अद्भुत नजारा दिखता है। साथ ही गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि पहाड़ के नीचे में एक अत्यंत पुराना गुफा भी अवस्थित है।
दिसोम सोहराय महोत्सव मानने को लेकर शनिवार को चडरी चट्टानी में भारत जकात मांझी परगना महल हजारीबाग जिला के चुरचू के तत्वधान में सोहराय महोत्सव कमेटी कि एक महत्वपूर्ण बैठक आहूत की गई। बैठक की अध्यक्षता लालाजी मांझी और संचालन बाबूलाल हेंब्रम ने किया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 12 जनवरी 2023 को दिसोम सोहराय महोत्सव समारोह धूमधाम से मनाया जाएगा। जिसके मुख्य अतिथि दिसोम परगना बादल किस्कू व दखिन किस्कू होंगे। वहीं समारोह में समा बांधने के लिए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम लोबा मुर्मू ग्रुप बोकारो के द्वारा प्रस्तुत की जायेगी।
बैठक में लालजी मांझी, बाबूलाल हेंब्रम, अर्जुन मुर्मू, शीतल हेंब्रम, जोगेंद्र टुडू, सोमर मुर्मू, झरी मांझी, राजू सोरेन,लालजी चोड़े, विष्णू मुर्मू, शिवलाल किस्कू, छोटन हेंब्रम, अरूण मुर्मू, अनिल मांझी, जीतू मरांडी, मेहिलाल मांझी, ठेमका मांझी, दिनेश मुर्मू, सागर मुर्मू सहित प्रखंड के लोग उपस्थित थे।