टीम एबीएन, चरही (हजारीबाग)। चरही थाना परिसर में जब्त वाहनों से कबाड़ में बदल गया है थाना परिसर। थाना के अंदर जगह नहीं होने के करण जब्त वाहनों को सड़क पर लगाने पड रहे हैं। जिसके चलते पैदल आने-जाने वाले लोगों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सड़क के दोनों ओर गाड़ियां लगी हुई है। जिस कारण हमेशा दुर्घटना का डर बना रहता है। चरही पुलिस के द्वारा विभिन्न मामलों में जब्त किये गये वाहनों की नीलामी नहीं होने के चलते थाना परिसर कबाड़खाने में बदल गया है। चारों ओर करोड़ों रुपये मूल्य की सैकड़ों की संख्या में कारें, बाइक, ट्रक, ट्रैक्टर, कार, जीप और साइकलें में जंग लगकर बर्बाद हो रहे हैं। जिसे देखने वाला कोई नहीं है।
पुलिस चाहकर भी इन्हें हटा नहीं पा रही है। वर्ष 1990-95 के बीच जब्त किए गए काफी वाहनों के मुकदमे न्यायालय में अभी भ विचाराधीन हैं। जिसकी नीलामी नहीं हो पा रही है। थाना परिसर में जब्त वाहनों से भरा पड़ा है। जगह नहीं होने के कारण अन्य जब्त किए गए वाहनों को सड़क के किनारे खडी करना मजबूरी हो गया है। चरही थाना को बहुत हीं खूब सुरती के साथ निर्माण कराया गया है। कबाड़ बन चुके जब्त वाहनों के कारण थाना परिसर की खूबसूरती भी खराब नजर आने लगी है। पुलिस को भी परिसर मर अपनी गाड़ियों को खड़ी करने में मुश्किलों को सामना करना पड़ता है।
बाहर से आने-जाने वालों तक का पता नहीं चल पाता है। कारण की थाना परिसर में भी दोनों ओर जब्त वाहनें कई वर्षों से खड़े हैं। सभी वाहन खड़े-खड़े जंग लगकर बर्बाद हो गये हैं। अगर उक्त जब्त वाहनों की नीलामी भी होती है तो करोड़ों की संपत्ति कौडी के भाव जायेंगे। इससे सरकार को भारी राजस्व क्षति होने की संभावना है। उपरोक्त समस्याओं को देखते हुए न्यायालय और सरकार को ठोस कदम उठाने की जरूरत है।