टीम एबीएन, बड़कागांव (हजारीबाग)। पकरी बरवाडीह कोयला खनन परियोजनाओं के अस्तित्व में आने के बाद बड़कागांव की तस्वीर बदली है। इस परियोजना के तहत आसपास के हजारों लोगों को जहां रोजगार मिल रहा है वहीं निरंतर एनटीपीसी कई सामाजिक गतिविधियां करती रहती है। ऐसे में परियोजना का सुचारु ढंग से चलना बेहद जरूरी है।
इन्हीं जरूरतों को समझते हुए आज महिपाल सिंह चीफ इंजीनियर (थर्मल प्रोजेक्ट प्लानिंग एंड डेवलपमेंट डिवीजन), केंद्रीय विद्युत प्राधिकरन ने पकरी बरवाडीह कोयला खनन परियोजनाओं का दौरा किया। उन्होंने अपने इस विजिट में परियोजना के माइंस का दौरा किया और बानादाग साइडिंग का निरीक्षण किया। बानादाग साइडिंग का निरीक्षण करने के अलावा उन्होंने टी पी6 के ऊपर चढ़कर पकरी बरवाडीह कोयला खनन परियोजना द्वारा विकसित एशिया की सबसे लंबे कन्वेयर बेल्ट का निरीक्षण किया और अधिकारियों से बातचीत की।
चीफ इंजीनियर महिपाल सिंह ने पकरी बरवाडीह परिसर में पौधा भी लगाया और आसपास के क्षेत्रों से चयनित प्रतिभावान तीरंदाजी खिलाड़ियों से बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया। मौके पर पकरी बरवाडीह कोयला खनन परियोजनाओं के मुख्य महाप्रबंधक शिवम श्रीवास्तव एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।