- कोरोना और भविष्य में आने वाले महामारी से बचने के लिए अपने रोग निरोधक शक्ति को बढ़ाने हेतु सात्विक भोजन और योग को अपने व्यवहारिक जीवन में उतारना होगा : भुक्ति प्रधान जनरल (राजेंद्र राणा)
टीम एबीएन, हजारीबाग। यह शिविर महीने के हर अंतिम रविवार को लगाया जाता है कि इसके दौरान सुबह 10 से 1 तीन घंटे का अखंड कीर्तन बाबा नाम केवलम का भी आयोजन किया गया। चिकित्सा कैंप में लोगों ने निशुल्क चिकित्सा सुविधा का लाभ उठाया। रिलीफ सचिव डॉक्टर सुरेश ने बताया कि आनन्द मार्ग जन मानस के स्वास्थय की चिंता करता है। इसलिए समाजहित में यह शिविर लगाया गया।
आज के चिकित्सा शिविर में लोगों को बीपी, शुगर, वायरल सर्दी जुकाम, थायराइड, कमर दर्द, कूहनी एवं कंधा दर्द, शारीरिक दुर्बलता, साइटिका, कब्ज, घुटना दर्द इत्यादि का इलाज दिया गया। मार्ग के वरिष्ठ देवकी दादा ने बताया कि हर माह होने वाले इस आयोजन से अब तक हजारीबाग के कई लोगों की सालों पुरानी दर्द और तकलीफ से छुटकारा मिला है। आभा सेवा सदन के माध्यम से इस प्रकार की निस्वार्थ सेवा लगातार चलायी जाती है।
रिलीफ सचिव डॉक्टर सुरेश ने बताया कि मानवता की सेवा ही ईश्वर की सेवा हैं, इसी भावना से प्रेरित होकर आनंदमार्गी गण निस्वार्थ भाव से सेवा मूलक कार्य करते आ रहे हैं। कीर्तन के उपरांत भुक्ति प्रधान राजेंद्र राणा ने कहा कि कीर्तन का मतलब जोर-जोर से किसी का गुणगान करना है। श्रीश्री आनंदमूर्ति जी ने भी व्यक्तिगत साधना के अलावा सामूहिक साधना के लिए बाबा नाम केवलम का नाम संकीर्तन का मंत्र दिया है। बाबा का अर्थ है सबसे प्रिय और पूरे मंत्र का अर्थ है अपने सबसे प्रिय इष्ट का नाम।
इस कीर्तन से व्यक्तिगत बाधाओं और सामूहिक विपत्तियों से छुटकारा मिल सकता है। कीर्तन के लिए समय, स्थान या व्यक्ति का प्रतिबंध नहीं है, कोई कभी भी कीर्तन कर सकता है। महिला टीम ने महिलाओं को योग की व्यवहारिक शिक्षा दी और लोगो को तनाव मुक्त जीवन जीने के लिए राजाधिराज योग की साधना पद्धति को भी बताया गया। कार्यक्रम संचालक प्रियदर्शिनी दीदी ने बताया कि इसके साथ साथ रोग निवारण चिकित्सा शिविर में आयुर्वेदा एवं सरल प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से भी इलाज किया जाता है।
इस सेवा कार्य में आनन्दमार्ग हजारीबाग से दिनेश दादा, सुरभि दीदी, रीता दीदी, पद्मिनी दीदी, गीता दीदी, प्रियदर्शनी दीदी, सरोज दीदी, प्रमोद दादा, सुरेश अग्रवाल दादा, संतोष दादा, पवन दादा, युगल दादा, रितेश दादा, भीष्म दादा, संतोष दादा, जगदेव दादा, पवन दादा, बैद्यनाथ दादा, सुरेश दादा, मनोज दादा, सुनील दादा, पवित्र दादा, राजेंद्र रवि दादा, बजरंगी दादा, देवाशीष दादा के साथ तमाम आनंदमार्गियों ने सराहनीय भूमिका निभायी।