खूंटी। जिले में चाईबास पुलिस, खूंटी पुलिस और झारखंड जगुवार के संयुक्त ऑपेरशन के दौरान एक बार फिर प्रतिबंधित संगठन पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप चकमा देकर बच निकला। रनियां थाना क्षेत्र और चाईबासा जिला के गुदड़ी थाना के सीमावर्ती इलाकों में नक्सलियों के खिलाफ सर्च ऑपेरशन चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई। जानकारी के अनुसार पुलिस जैसे ही नक्सलियों के संदिग्ध इलाकों में पहुंची, तभी नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की संयुक्त टीम ने भी फायरिंग शुरू की। पुलिस को भारी पड़ता देख पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप और उसका सहयोगी झाड़ियों का फायदा उठाकर फरार हो गया। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान एक लोडेड कार्बाइन, एक मैगजीन, 55 राउंड गोली, 29 मोबाइल, 11 चार्जर, 10 पिठ्ठू बैग, पीएलएफआई का पर्चा, साहित्य और दैनिक उपयोगी सामान बरामद किए गए। एसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप अपने सहयोगी मार्टिन केरकेट्टा, तिलकेश्वर गोप, कृष्णा यादव, अवधेश जयसवाल उर्फ चूहा समेत कई अन्य इनामी नक्सलियों के साथ मिलकर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहा था। जिसके बाद एएसपी अभियान और तोरपा एसडीपीओ के नेतृत्व में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसी दौरान नक्सलियों से मुठभेड़ हो गई। इससे पहले भी 17 दिसंबर 2020 को हुए मुठभेड़ में दिनेश गोप बच गया था। वहीं 16 जुलाई 2021 को नक्सली शनिचर सुरिन मारा गया था। लेकिन दिनेश गोप फरार हो गया था। वहीं 27 जून को भी हुए मुठभेड़ में वह भागने में सफल रहा था। सितंबर में हुए मुठभेड़ में भी पीएलएफआई सुप्रीमो सुरक्षाबलों को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा था।