- विभिन्न खेलों में बच्चों ने दिखाया दमखम
टीम एबीएन, कोडरमा। सेक्रेड हार्ट स्कूल में आयोजित चार दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता 19 दिसंबर से शुरू हो गया। पहले दिन वॉलीबॉल, गतका, बैडमिंटन, कैलीग्राफी, शूटिंग समेत अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कैलीग्राफी प्रतियोगिता में वर्ग नवम से रितिका गुप्ता, तनु कुमारी, अंतरा कुमारी, जिया कुमारी, अमरीन अनवर और श्रेया राज को अपने-अपने वर्ग में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान मिला।
वहीं गतका प्रतियोगिता के अंडर फोर्टीन बालिका वर्ग में आदिति सिंह, संगीता कुमारी, मन्नत आनंद, बालक वर्ग में शिवम कुमार, नीरज यादव, शिवम कुमार यादव और अंडर-17 बालिका वर्ग में करिश्मा कुमारी, हर्षिता कुमारी, शालिनी कुमारी को क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। जबकि वॉलीबॉल में आकाश हाउस विजेता घोषित किया गया। इसमें गुलशन कुमार, आदित्य कुमार, अभिमन्यु कुमार, प्रियांशु कुमार, कृष्ण कुमार, अविनाश कुमार, आदित्य कुमार, विशाल आनंद, निखिल कुमार, सत्यम कुमार का प्रदर्शन शानदार रहा।
वहीं राइफल शूटिंग अंडर फोर्टीन बालक वर्ग में सोमेश कुमार, शशि शंकर, तन्मय सेठ, बालिका वर्ग में प्रिया कुमारी, अंडर 17 बालक वर्ग में विरेंद्र कुमार, प्रीतम कुमार को क्रमश प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। जबकि इंटर हाउस खो-खो प्रतियोगिता में पवन हाउस विजेता रहा और धरती हाउस को उपविजेता का खिताब मिला। प्रतियोगिता का यह दौर 22 दिसंबर तक लगातार चलेगा। 22 दिसंबर को फाइनल स्पर्धा होगा। इसमें विजेता प्रतिभागियों को मेडल और सर्टिफिकेट देकर उनका हौसला बढ़ाया जायेगा।
स्कूल के निदेशक प्रमोद कुमार, एकेडमिक डायरेक्टर प्रमोद शर्मा, प्राचार्य नवीन कुमार ने कहा की खेल प्रतियोगिताओं से बच्चों में प्रतिस्पर्धा का भाव जगता है और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
प्रतियोगिता में हार और जीत से बड़ा उसमें शामिल होना है। आयोजन की सफलता में एकेडमिक कोआॅर्डिनेटर प्रवीण कुमार, पीटीआई कुंदन कुमार राणा, राकेश पांडेय, सुभय कुमार, दीपक सर्राफ, आशुतोष गौतम, चंदन पांडेय, सुमित साव, राहुल कुमार, किशोर कुणाल, रजनी बाला, अलका सिंह, रंजीत सिंह, प्रियंका सिंह, प्रियंका गुप्ता, सरोज पांडेय, शंकर कुमार, विक्रम कुमार, जेपी सिंह, संजय तिवारी, सतीश कुमार, विक्की कुमार, कुंतल जेठवा, रूबी वर्मा, रेणु सेठ, पायल सिंह, अभिलाषा सिंह समेत पूरे विद्यालय परिवार के शिक्षकों व शिक्षकेतर कर्मियों का योगदान रहा।