टीम एबीएन, कोडरमा। रॉयल सेलिब्रेशन परिसर में प्रेस वार्ता में जमुआ विधायक केदार हाजरा ने पासवान महासम्मेलन सफल होने पर आयोजक समिति के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मेलन सार्थक तभी होगा, जब अपने-अपने बच्चों को समान रूप से बेटा-बेटी को शिक्षित करेंगे। तभी समाज का विकास होगा। उन्होंने कहा कि समिति ने जो मेनिफेस्टो तैयार किया गया है, उसमें दहेज लेना देना बंद करने, बाल विवाह शराबबंदी समेत समाज की अन्य कुरीतियों को समाप्त करने के लिए यह सम्मेलन आयोजित किया गया।
सम्मेलन का वास्तविक रूप तभी और ढांचा तैयार होगी जब अपने आप को शिक्षित बनाने के लिए अपने बच्चों को स्कूल भेजेंगे और अपने आप को इन सारी समस्या पर स्वयं को ढालना होगा। तभी इस दहेज मिथ्या, मृत्यु भोज रूपी कोढ़ पर अंकुश लगेगा। श्री हाजरा ने कहा कि आजादी के इतने वर्षों के बाद भी कई केंद्र में सरकारें आई लेकिन किसी ने दलितों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया। सरकार की उदासीनता के कारण केंद्रीय योजनाओं का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रही है।
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि हेमंत सरकार छोटा सत्र बुलाकर केवल कोरम पूरा कर रही है। इस सरकार से विकास की बात करना बेमानी होगी। उन्होंने 1932 खतियान नियोजन नीति के सवाल पर कहा कि यदि सरकार की नियत साफ है तो खतियानी के साथ नियोजन नीति को भी कैबिनेट से पारित कर लागू करना चाहिए था ना कि केंद्र सरकार को भेजकर अपनी कमियां छुपाने का काम करती। वार्ता में जिला अध्यक्ष बाला लखंदर पासवान, प्रवक्ता मनोज कुमार सोनी, महासचिव जयप्रकाश राम, विनोद दीवाना, प्रेम प्रकाश, जिप सदस्य शांतिप्रिया, राजेश पासवान डीलो पासवान, वीरेंद्र पासवान आदि मौजूद थे।