- उच्च न्यायपालिका में एसटी एससी को मिले आरक्षण : डॉ सहगल टोपनो
टीम एबीएन, रांची। इंडियन एसोसिएशन आॅफ लॉयर्स (आईएएल), झारखंड चैप्टर के तत्वावधान में ने आज रांची स्थित एचआरडीसी सभागार में उच्च न्यायपालिका में आरक्षण का मामला विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया। मौके पर अपना विचार व्यक्त करते हुए इंडियन एसोसिएशन आॅफ लॉयर्स (आईएएल), झारखंड चैप्टर के कार्यवाहक अध्यक्ष अधिवक्ता डॉ सहगल टोपनो ने कहा कि भारत के राष्ट्रपति द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार वर्ष 1950 में आरक्षण प्रणाली को भारत की न्यायपालिका तक भी विस्तारित किया जाना चाहिए था लेकिन आजादी के 75 साल बाद भी इसे लागू नहीं किया गया है। इसमें आरक्षण का न होना गंभीर मामला है।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि न्यायपालिका में भी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाए। उन्होंने कहा कि लगभग सभी मामलों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से संबंधित मामलों पर पर्याप्त समय और ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को समुचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया जायेगा, न्यायपालिका का उद्देश्य पूरा नहीं होग। उन्होंने कहा कि इंडियन एसोसिएशन आॅफ लॉयर्स न्यायधीशों के चयन में कॉलेजियम प्रणाली की निंदा करता है। उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों के चयन एवं नियुक्ति की एक नई प्रणाली विकसित की जानी चाहिए ताकि वास्तविक पीड़ितों को बहुप्रतीक्षित न्याय मिल सकता है। उन्होंने कहा कि आईएएल भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा उठाई गई चिंताओं का स्वागत करती है।
इस संबंध में और जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मुलाकात करेगा।
संगोष्ठी में विद्वान वकील डॉ सहगल टोपनो (कार्यवाहक अध्यक्ष), एडवोकेट अब्दुल कलाम रशीदी (महासचिव सह सदस्य, झारखंड स्टेट बार काउंसिल), मेडलिन तिर्की (राष्ट्रीय परिषद, आईएएल का प्रतिनिधि), एलएन महतो (जिला सचिव), तिलका मुर्मू, राजेंद्रराम रविदास, पवन साहू, रेखा वर्मा, अजहर अहमद खान, राजीव रंजन ठाकुर, प्रतिभा कच्छप, सोनी कुमारी, अनामिका रानीदास, अभिनव राज, मनदेव भगत आदि ने भाग लिया।