- विधवा मां के सपनों को किया साकार
टीम एबीएन, कोडरमा। कौन कहता है कि रोशनी सिर्फ चिरागों से होती है, बेटियां भी घरों को रोशन करती हैं। इस बात को सच कर दिखाया है झुमरी तिलैया के बाइपास निवासी सरिता सिन्हा की बड़ी बेटी साक्षी सिन्हा ने। साक्षी का चयन अंतिम रूप से रेलवे स्टेशन मास्टर के रूप में हो गया है। 16 दिसंबर को वो अहमदाबाद में ज्वाइन करेंगी।
क्या कहती हैं साक्षी
साक्षी ने दूरभाष पर बताया कि उसके परिवार के लिए यह खुशी का क्षण है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय बहन, शिक्षक और मित्रों को दिया जिनसे उसे हमेशा बेहतर करने की प्रेरणा मिलती रही है। उन्होंने विशेषकर अपनी मां को श्रेय दिया है जिन्होंने पिता के निधन के बाद उन्हें कोई कमी महसूस नहीं होने दिया।
2008 में पिता-भाई को खोया, फिर...
बता दें कि वर्ष 2008 में साक्षी के पिता अजय सिन्हा और भाई हर्ष की एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया था। लेकिन मां सरिता सिन्हा ने अपनी बेटियों के सपनों को उड़ान देने की ठानी। आज सरिता सिन्हा की बड़ी बेटी साक्षी रेलवे स्टेशन मास्टर बन गई है। दूसरी बेटी शिप्रा सिन्हा कोलकाता में किसी निजी कंपनी में काम कर रही है। जबकि छोटी बेटी सुमिरन अभी पढ़ाई कर रही है। घरवालों ने साक्षी का माला पहनाकर स्वागत किया।