- रसदार फलों के उत्पादन की बेहतर संभावनाएं
- पॉलीहाउस में रहे खेती से किसानों को प्रेरित होने की जरूरत
- आयुक्त ने चियांकी स्थित क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र का परिभ्रमण कर कृषि संबंधी हो रहे अनुसंधान की बारिकियों को जाना
टीम एबीएन, पलामू/ रांची। आयुक्त जटा शंकर चौधरी आज चियांकी स्थिति क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र का परिभ्रमण कर रसदार फलों की खेती एवं कृषि संबंधी विभिन्न प्रजाति के बीजों पर हो रहे अनुसंधान कार्यों की बारीकियों को देखा और उससे संबंधित जानकारी ली। उन्होंने रसदार फलों की खेती यथा संतरा, मौसंबी, किनो एवं नींबू वर्गीय अन्य प्रजाति के पौधों एवं फलों का अवलोकन किया। साथ ही पेड़ों पर लगे फलों को देखा और उसके लिए तकनीकी एवं वैज्ञानिक प्रयोगों से अवगत हुए। पेड़ों पर लगे सामान्य से अत्यधिक फलों को देख प्रभावित हुए।
उन्होंने सक्षम प्रभेद के अमरूद के बाग को भी देखा। साथ ही पॉली हाउस में लगे टमाटर, ब्रोकली, शिमला मिर्च पर किये गये। अनुसंधान को देखा और उसकी बारीकियों से अवगत हुए। साथ ही क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र परिसर में लगे चना, गेहूं आदि रवि फसल के साथ-साथ सरसों के विभिन्न प्रभेदों को देखा और पलामू में उसकी उत्पादन क्षमता की जानकारी ली। इसके अलावा आयुक्त ने आम, अमरूद, आंवला, नींबू, संतरा, किनो मौसंबी आदि के नर्सरी को देखा। साथ ही ड्रैगन फ्रूट के पौधों का अवलोकन किया और पलामू के मिट्टी में ड्रैगन फ्रूट के फल के स्वाद की जानकारी ली।
आयुक्त ने कहा कि क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र में रसदार फलों की खेती की जा रही है। साथ ही रसदार फलों एवं अन्य फलदार पौधों की नर्सरी तैयार की गई है। इन पौधों को किसानों को ले जाकर अपने खेतों में पौधरोपण करने की आवश्यकता है, ताकि पलामू प्रमंडल क्षेत्र में फलों की खेती का विस्तार हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र में पॉली हाउस में खेती की जा रही है। इसे आसपास के किसान को आकर देखने की जरूरत है। इससे खेती के प्रति उनके मन में भावना जागृत होगी और वह अपना किचन गार्डन विकसित कर अपने द्वारा उत्पादित फल एवं सब्जियों की का सेवन कर सकेंगे। इससे उनकी खेती सेहत ठीक हो सकेगी। आयुक्त के परिभ्रमण के दौरान वैज्ञानिक प्रमोद कुमार एवं लिपिक ऋषि सुमन झा ने क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र में किए जा रहे कृषि संबंधी विभिन्न प्रभेदों के अनुसंधान से संबंधित जानकारी दी।