टीम एबीएन, रांची। कांग्रेस ने झारखंड में पार्टी को मजबूती देने के उद्देश्य से राजधानी रांची सहित राज्य के सभी जिलों में जिला अध्यक्षों को नियुक्त किया। लेकिन जिला अध्यक्षों की नियुक्ति पर पार्टी के भीतर और कई मुसलिम संगठनों ने इस नियुक्त पर सवाल खड़े कर दिए। यहां तक की पार्टी को इसका खामियाजा भी भुगतने की धमकी दे डाली। जिसके बाद झारखंड कांग्रेस ने समय रहते संगठन के अंदर से उठ रहे बगावत की तूफान को शांत कर दिया गया है।
...ऐसा क्या हुआ कि 48 घंटे में ही करना पड़ा फेरबदल
कांग्रेस के नये जिला अध्यक्षों की लिस्ट सामने आने के 48 घंटे के अंदर इसमें बदलाव पर मुहर लग गई है। बता दें कि नये जिला अध्यक्षों के नाम की सूची में एक भी महिला-मुस्लिम और अनुसूचित जाति के नेताओं को शामिल नहीं करने के बाद संगठन में बगावत की आवाज उठने लगी थी। मंगलवार को पार्टी के अल्पसंख्यक नेताओं ने तो कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष का पुतला तक फूंक दिया था। जिसके बाद शाम होते-होते 4 जिलों में जिला अध्यक्ष बदले जाने की खबर सामने आ गई। फिर उसके बाद पार्टी महासचिव के सी वेणुगोपाल के द्वारा 4 जिला अध्यक्षों के नाम की घोषणा की गई।
झारखंड कांग्रेस जिलाध्यक्षों की नई सूची के अनुसार गढ़वा से ओबेदुल्ला हक अंसारी, रामगढ़ से मुन्ना पासवान, कोडरमा से भगीरथ पासवान और साहिबगंज से बरकतुल्ला खान का नाम शामिल है। इसके अलावा रात तक 8 जिला कार्यकारी अध्यक्ष के नाम की भी घोषणा की गई। इस लिस्ट में रांची ग्रामीण से एनानुल हक अंसारी, जमशेदपुर शहरी से धर्मेंद्र सोनकर, जमशेदपुर ग्रामीण से अमित राय, लोहरदगा से शकील अहमद अंसारी, धनबाद से राशिद रजा अंसारी, रामगढ़ से पंकज प्रसाद तिवारी, गिरिडीह से सतीश केडिया और सरायकेला-खरसांवा से अंबुज कुमार पांडेय का नाम शामिल है।