- न विभाग को पता ना किसी अधिकारी को
- लाखों लाख रुपये आये कहां से?
- फंडिंग करने वाला है कौन?
- किसके इशारे पर हुई अवैध रुपये खपाने की गंदी साजिश...?
टीम एबीएन, चतरा/ रांची। चतरा डीसी के घर में स्वीमिंग पुल बन गया। किसने बनाया? किस योजना की राशि से बना? किसके आदेश पर बना? निर्माण की स्वीकृति किसने दी? ऐसे सवालों का जवाब किसी के पास नहीं है। यह किस्सा है चतरा जिला का। जी हां, चतरा जिला के डीसी के घर में स्वीमिंग पुल बना हुआ है। सरकार के उच्चाधिकारी भी हैरान हैं। आखिर डीसी के घर में स्वीमिंग पुल कैसे बना लिया गया। डीसी जिले का कल्याण करने के लिए होते हैं या अपने घर में स्वीमिंग पुल बनवाने के लिए। सूत्रों ने दावा किया है कि यह काम तब हुआ है, जब चतरा डीसी के पद पर आइएएस अधिकारी अंजलि यादव पदस्थापित थीं। इतना ही नहीं, उनके कार्यकाल में चतरा डीसी आवास के कार्यालय में वुडेन फ्लोर भी लगाये गये और पूरे परिसर में इंटर वाकिंग पेवर ब्लॉक लगाये गये हैं।
क्या है पूरा मामला
दस्तावेजों के मुताबिक 14 नवंबर 2021 डीसी के कार्यालय से और 17 जून 2022 को जिला नजारत कार्यालय से चतरा भवन प्रमंडल विभाग के कार्यालय अभियंता को पत्र भेजा गया था, जिसमें डीसी आवास में स्वीमिंग पुल बनाने, परिसर में इंटर वॉकिंग पेवर ब्लॉक (बच्चों के अनुकूल) बनाने व कार्यालय के फ्लोर को वुडेन फ्लोरिंग करने के लिए निर्देशित किया गया था। 29 सितंबर 2022 को कार्यपालक अभियंता ने निर्माण से संबंधित प्रस्ताव पर प्रशासनिक स्वीकृति के लिए भवन निर्माण विभाग के सचिव को भेजा गया।
प्रस्ताव भेजा भी नहीं गया और पूर्ण हो गया निर्माण कार्य
सूत्रों ने बताया है कि भवन निर्माण विभाग को प्रस्ताव भेजने से पहले ही डीसी आवास में निर्माण कार्य करा लिया गया। कहा तो यह भी जा रहा है कि डीसी कार्यालय व जिला नजारत कार्यालय से कार्यपालक अभियंता को पत्र लिखने से पहले ही निर्माण कार्य पूरा करा लिया गया था। इस बीच जानकारी मिली है कि निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदार ने अब जिला प्रशासन से संपर्क कर खर्च हुई राशि के भुगतान की मांग कर दी है। जिसके बाद यह मामला पहले चतरा जिला प्रशासन के बीच चर्चा में आया और अब दूसरे जिलों के अफसरों व इंजीनियरों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।