Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
लाइव: 340
होम ई-पेपर देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन
झारखंड

देशरत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद प्रथम राष्ट्रपति बने रहने पर भी अहंकार से दूर रहे : अवधेश सिंह

शेयर करें: WhatsApp Facebook X Back to ePaper
देशरत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद प्रथम राष्ट्रपति बने रहने पर भी अहंकार से दूर रहे : अवधेश सिंह
विज्ञापन

टीम एबीएन, हजारीबाग। जिला कांग्रेस कार्यालय कृष्ण बल्लभ आश्रम में देशरत्न डॉ राजेन्द्र प्रसाद की 138 वीं जयंती उनके चित्र पर पुष्प तथा माल्यार्पण कर मनाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह ने उनकी जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देशरत्न डॉ राजेन्द्र प्रसाद स्वाधीन भारतीय गणराज्य के प्रथम राष्ट्रपति थे। अत्यंत धार्मिक भाव से जहां उन्होंने धार्मिक श्रद्धा को जीवन में स्थान दिया था, उसी भांति भारतीय संस्कृति और इतिहास के प्रति भी उन्हें लगाव था। 
संस्कृत और फारसी के तो विद्वान थे ही, बुद्धिमत्ता के बल पर इस किसान पुत्र ने राष्ट्रपिता गांधीजी से प्रभावित होकर, स्वाधीनता संग्राम में पूरी निष्ठा और निडरता के साथ भाग लिया। अपनी सादी जीवनी से वे किसानों से घुलमिल गये। पटना में सदाकत आश्रम की स्थापना उन्होंने की। देश के प्रथम राष्ट्रपति बने रहने पर भी अहंकार से दूर रहे और कर्तव्यनिष्ठ बने रहे। निवृत होते ही उन्होंने पुन: सदाकत आश्रम के अपने कार्यक्षेत्र को बिन्दु बनाकर शेष समय वहीं व्यतीत किया।
कार्यक्रम में अपने-आपने विचार व्यक्त करने वालों में पूर्व अध्यक्ष आबिद अंसारी उपाध्यक्ष सह प्रवक्ता निसार खान, सुनिल कुमार ओझा, मनोज नारायण भगत, जावेद इकबाल, डॉ. दीपक बंधू, दिलीप कुमार रवि, मकसूद आलम, सदरूल होदा, रीतलाल मंडल, विजय कुमार सिंह महिला कांग्रेस की बेबी देवी, अनिल कुमार उपाध्याय, मो. हसनैन, सलीम रजा, ललितेश्वर प्रसाद चौधरी, सैयद अशरफ अली, अब्बास अंसारी, कृष्णा किशोर प्रसाद, पूनम कुमारी, सुनिल कुमार, मुकेश कुमार, जीवन कुमार सिंह, दशरथ सिंह आदि शामिल हैं। उक्त जानकारी पार्टी के उपाध्यक्ष सह प्रवक्ता निसार खान ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

विज्ञापन