टीम एबीएन, चरही (हजारीबाग)। सीसीएल हजारीबाग कोयला क्षेत्र के तापीन साउथ लोकल सेल को रविवार से अनिश्चितकाल तक के लिए बंद कर दिया गया है। सेल को बंद हो जाने से सेल में कार्यरत हजारों मजदूरों की रोजी-रोटी पर आफत आन पड़ी है। तापीन साउथ प्रबंधन ने सेल को बंद करने के लिए जगह-जगह पर नोटिस चिपकाई है।
सीसीएल प्रबंधन ने नोटिस में लिखा है कि स्थानीय विस्थापित एवमं प्रभावित लोगों के दो गुटों के आपसी मतभेद और तनाव के कारण बिगड़ते हुए माहौल और कानून व्यवस्था के बिगड़ने की आशंका को देखते हुए इस तरह की कार्रवाई की गई है। उक्त सेल को दो वर्ष पूर्व स्थानीय विस्थापित/प्रभावित लोगों के लिए रोजगार मुहैया कराने को लेकर खोला गया था। ताकि लोग रोजी रोजगार कर अपने घर को चला सके। छह माह तक सेल सुचारू रूप से चला। लोगों को मजदूरी मिलने लगी। इससे स्थानीय लोग काफी खुश नजर आने लगे। लेकिन ये मालूम नहीं था कि इस लोकल सेल पर ग्रहण लग जायेगा।
विस्थापित/प्रभावित छह माह के बाद दो गुट में बंट गये। सेल चलाने को लेकर दोनों गुटों में विवाद उत्पन्न हो गया। दोनों गुट एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने शुरू कर दिये। किसी तरह से सेल दो साल चला। उसके बाद प्रबंधन ने दोनों को आपसी तनातनी को देखते हुए सेल को बंद करने का निर्णय लेते हुए अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया। सेल बंद हो जाने से मजदूर बेरोजगार तो हुए ही। डीओ होल्डर भी भागने लगे हैं। इस कोलियरी कोई कोयला लगाना नहीं चाहते हैं। बंद हो जाने के कारण ट्रक मालिकों को भी आफत हो गया है। यहां की रौनक भी चली गई। सेल तो बंद हो गया। लेकिन हजारों का क्या होगा। जिससे उनकी रोजी-रोटी चलती थी। इसका जिम्मवार कौन है।क्या पुन: सेल खुलेगी या नहीं। आने वाला समय पर निर्भर करता है।
क्या कहते हैं खान प्रबंधक
तापीन साउथ के खान प्रबंधक एस के सिंह से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि सेल को बंद करने का आदेश हेड क्वार्टर रांची से चरही महाप्रबंधक कार्यालय दिया गया है। जिसके निर्देश पर सेल को अनिश्चितकाल के लिये बंद कर दिया गया। ताकि दोनों गुटों में कोई विवाद नहीं हो सके। साथ ही कोई अप्रिय घटना ना हो।