मेदिनीनगर। अपनी लगन, कार्यकुशलता, प्रतिबद्धता व राजनीतिक परिपक्वता की बदौलत छत्तीसगढ़ से झारखंड में राजनीति की स्ट्रीम में कदम रखने वाली युवा नेत्री कृतिका त्रिपाठी राज्य की राजधानी रांची में इन दिनों एक्टिव हैं। कृतिका का झारखंड के पलामू से खासा जुड़ाव भी है, जिसकी राजनीतिक कार्यकुशलता के ढेरों प्रशंसक हैं। क्योंकि राज्य की राजनीतिक राजधानी कहे जाने वाले पलामू मुख्यालय की एक छोर पर स्थित सिंगरा जहां कृतिका का ननिहाल है, वहीं छत्तीसगढ़ में राजनीतिक अनुभव, परिपक्वता, पराक्रम और प्रदर्शन की बदौलत अपनी छवि गढ़ चुकी युवा नेत्री अब रजवाडीह की बहू भी बन चुकी है। रजवाडीह निवासी सह पलामू मुख्यालय मेदिनीनगर के संभ्रांत त्रिपाठी खानदान की बहू कृतिका को झारखंड की राजनीति में बड़ा कद मिलने का मौका आया, तो लाजिमी है परिवार समेत पलामू के सामाजिक-राजनीतिक गलियारे में इसकी चर्चा भी खूब है। यह इसलिए भी है कि जब पलामू जिले के रजवाडीह निवासी स्व श्याम बिहारी त्रिपाठी के पोते और स्व गजेंद्रनाथ त्रिपाठी के एडवोकेट पुत्र प्रशांत त्रिपाठी (जो शहर के त्रिपाठी इंटरनेशनल होटल और रांची में इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के संस्थापक हैं) से कृतिका की शादी हुई, तभी से उन्होंने झारखंड कांग्रेस की सदस्यता लेकर यहीं से राजनीतिक पारी शुरू कर दी। कृतिका के ससुर एडवोकेट स्व गजेंद्रनाथ त्रिपाठी का रजवाडीह में बीएड कॉलेज, डालटनगंज में त्रिपाठी मेंशन सहित रांची में कई प्रतिष्ठान हैं, जिसका संचालन कृतिका के पति प्रशांत त्रिपाठी खुद करते हैं। प्रशांत के बड़े दादा जाने माने अधिवक्ता स्व सचिदानंद त्रिपाठी एकीकृत बिहार विधानसभा में डालटनगंज से विधायक थे एवं अपने दादा स्व श्यामबिहारी त्रिपाठी एक सफल व्यवसायी। एक दादा एडवोकेट स्व प्रेमचंद त्रिपाठी बार काउंसिल रांची के चेयरमैन थे, तो एक दादा एडवोकेट स्व रामधारी त्रिपाठी के नाम पर रजवाडीह हाई स्कूल है। पलामू समेत झारखंड में इतने संभ्रांत और लगभग हर क्षेत्र में अपनी पहुंच और पकड़ रखने वाले त्रिपाठी परिवार की बहू कृतिका को परिवार का पूरा सहयोग और समर्थन मिल रहा है। जिसके सान्निध्य में रहकर ही एक सशक्त महिला नेत्री के रूप में झारखंड की राजनीति में कृतिका ने हस्तक्षेप शुरू कर दिया है।