मेदिनीनगर। झारखंड में यूथ कांग्रेस का चुनाव चर्चा का विषय बना हुआ है और इस चर्चा में पलामू की कृतिका त्रिपाठी के नाम की चर्चा भी जोरों पर है। कभी छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनाने के लिए जद्दोजहद करने वाली युवा नेत्री कृतिका त्रिपाठी अब झारखंड में भी कांग्रेस का परचम लहराना चाहती है। वह यहां भी सरकार बनाने के लिए सक्रिय योगदान देना चाहती है। यही वजह है कि झारखंड में प्रदेश नेतृत्व के लिए दिल्ली में हुए साक्षात्कार के लिए जब राज्य की युवा टीम को आमंत्रित किया गया था, तब उसमें एक नाम कृतिका त्रिपाठी का भी था। जहां उपस्थित होकर कृतिका ने साक्षात्कार के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री निवास और आॅल इंडिया मेन कांग्रेस के जेनरल सेक्रेट्री सह यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी कृष्णा अल्लावारु की मौजूदगी में अपनी राजनीतिक परिपक्वता का उदाहरण पेश किया। जिसकी बानगी साक्षात्कार के दूसरे दिन देखने को मिली, जब प्रदेश नेतृत्व के लिए झारखंड के हाई परफॉर्मर कैंडिडेट की लिस्ट जारी हुई। इसमें कृतिका त्रिपाठी का नाम भी अंकित है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा जारी किए गए लिस्ट में शामिल उम्मीदवारों को प्रदेश नेतृत्व की कमान मिलने जा रही है, जो आनेवाले दिनों में झारखंड में यूथ कांग्रेस की नई इबारत लिखेंगे। दिल्ली के कांग्रेस भवन में आयोजित साक्षात्कार में झारखंड के रांची से कृतिका त्रिपाठी ने अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है, जिस पर अंतिम मुहर लगना अभी बाकी है। लेकिन राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने इस युवा नेत्री पर अपना भरोसा जरूर जताया है। मूल रूप से छतीसगढ़ जिला सरगुजा की रहनेवाली कृतिका अब झारखंड की बहू है और झारखंड के लिए कुछ कर गुजरने की तमन्ना दिल में रखती है। बचपन से ही समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय कृतिका दया, दान और दरियादिली की सागर भी है। तभी तो जरूरमंदों की सेवा करना और अपने सामर्थ्य के अनुसार मदद करना उनकी आदत में शुमार है। छात्र जीवन से ही राजनीति में पदार्पण कर चुकी कृतिका कांग्रेस में कई महत्वपूर्ण पदों पर आसीन रहीं। चाहे कांग्रेस महामंत्री का महत्वपूर्ण पद हो या एनएसयूआइ के प्रदेश महासचिव के रूप में पूरे राज्य का नेतृत्व करने की जटिल जवाबदेही। हर जगह इन्होंने अपनी कार्यकुशलता, प्रतिबद्धता व राजनीतिक परिपक्वता का लोहा मनवाया है। इस दौरान लगातार कृतिका ने न सिर्फ अलग-अलग समूहों का निर्माण किया है, बल्कि वह निरंतर महिलाओं को संगठित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी सार्थक हस्तक्षेप करती नजर आई है। एक तरफ सबसे कम उम्र में कृतिका ने पार्षद का चुनाव लड़कर अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को भी दमदार उपस्थिति का एहसास कराया, तो दूसरी तरफ एक सजग नागरिक के तौर पर मानवाधिकार कार्यकर्ता के रूप में भी हाशिये पर जी रहे लोगों के हक व अधिकारों की आवाज को भी बुलंद करती रही हैं। कृतिका त्रिपाठी का जुड़ाव बचपन से ही झारखंड से रहा है। एक तरफ राज्य की राजनीतिक राजधानी कही जाने वाली पलामू के सिंगरा स्थित अपने ननिहाल में नाना पांडव शुक्ला के घर अपना बचपन बिताया। तो दूसरी तरफ अब पलामू की बहू बनकर भी जिले के प्रसिद्ध व्यवसाई व समाजसेवी त्रिपाठी खानदान का नाम रोशन कर रही है।बताते चलें कि हाल ही में पलामू ज़िले के रजवाडीह निवासी स्व श्याम बिहारी त्रिपाठी के पोते एडवोकेट प्रशांत त्रिपाठी से कृतिका की शादी हुई है। तभी से उन्होंने झारखण्ड कांग्रेस की सदस्यता लेने के साथ यहीं से राजनीतिक पारी शुरू कर दी है। कृतिका के ससुर एडवोकेट स्व गजेंद्र नाथ त्रिपाठी का रजवाडीह में बीएड कॉलेज, डालटनगंज में त्रिपाठी मेंशन सहित रांची में कई प्रतिष्ठान हैं, जिसका संचालन कृतिका के पति प्रशांत त्रिपाठी करते हैं। प्रशांत के बड़े दादा जाने माने अधिवक्ता स्व सचिदानंद त्रिपाठी एकीकृत बिहार विधानसभा में डालटनगंज से विधायक थे। अपने दादा स्व श्यामबिहारी त्रिपाठी एक सफल व्यवसायी थे। एक दादा एडवोकेट स्व प्रेमचंद त्रिपाठी बार काउन्सिल रांची के चेयरमैन थे।एक दादा एडवोकेट स्व रामधारी त्रिपाठी के नाम पर रजवाडीह हाई स्कूल है। वहीं प्रशांत
नगर के प्रतिष्ठित त्रिपाठी इंटरनेशनल होटल के संस्थापक भी हैं। कृतिका के पिता संजीत पांडेय गढ़वा जिला के सेमोरा गांव के रहनेवाले हैं। वे अम्बिकापुर में सरकारी अधिकारी हैं। वहीं मां सरिता पांडेय अम्बिकापुर कोर्ट की जानी-मानी अधिवक्ता हैं। कृतिका का ननिहाल, मामा-मामी भी काफी सुशिक्षित व सेवा में ओहदेदार हैं। छत्तीसगढ़ की राजनीति के बाद अब झारखंड की राजनीति में एंट्री कर चुकी कृतिका मिशन झारखंड को पूरा करने के लक्ष्य में जुट गयी है। यूथ कांग्रेस के चुनाव में राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने इतनी बड़ी दावेदारी पेश करने के बाद हाई परफार्मर लिस्ट में कृतिका के नाम का चयन होने से उम्मीदें काफी बढ़ गई है। जिसे यूथ कांग्रेस झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष कुमार गौरव ने भी पॉजिटिव रिस्पांस के साथ राष्ट्रीय नेतृत्व को अवगत कराया है। कृतिका ने बातचीत के दौरान बताया कि अब उनका लक्ष्य मिशन झारखंड को पूरा करना है। जिसमें न सिर्फ यूथ कांग्रेस की मजबूती होगी बल्कि बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं को पार्टी से जोड़कर झारखंड में संगठन की नई दशा व दिशा तय करना उनकी प्राथमिकता होगी। इसके लिए झारखंड के युवाओं ने उनका समर्थन दिया, तो कृतिका ने भी युवाओं के प्रति आभार प्रकट किया।