Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
होम देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन
झारखंड

एक्सएलआरआई में हुआ जेआरडी टाटा व्याख्यान

शेयर करें: WhatsApp Facebook X
एक्सएलआरआई में हुआ जेआरडी टाटा व्याख्यान
विज्ञापन

टीम एबीएन, जमशेदपुर/ रांची। एक्सएलआरआई जमशेदपुर में जेआरडी टाटा व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ता के रूप में टाटा एसआइए (विस्तारा) के चेयरमैन सह टाटा संस के डायरेक्टर भास्कर भट जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन मौजूद थे। दोनों ने एक्सएलआरआइ के डायरेक्टर फादर एस जॉर्ज, जेआरडी टाटा सेंटर फॉर बिजनेस एथिक्स के चेयरमैन फादर कुरुविला पांडिकुट्टू व डीन एकेडमिक्स प्रो संजय पात्रो के साथ संयुक्त रूप से कल शाम दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
इस दौरान भास्कर भट ने देश के भावी मैनेजरों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राहकों व लोगों का विश्वास ही टाटा की सबसे बड़ी पूंजी है। यह विश्वास व भरोसा एक दिन में नही बनी है। कंपनी के बड़े अधिकारियों से लेकर अंतिम पायदान के कर्मचारियों ने पूरी लगन, निष्ठा, ईमानदारी व नैतिक मूल्यों के साथ अनवरत कार्य किया। टाटा ग्रुप के 9,35000 कर्मचारी दुनिया के अलग-अलग करीब 100 देशों व 6 महाद्वीपों में कार्य कर रहे हैं। उनकी बदौलत ही टाटा ग्रुप को लगातार सातवां साल दुनिया की सबसे एथिकल कंपनी घोषित की गयी है। उन्होंने कहा कि टाटा के लिए नैनो सिर्फ एक कार नहीं बल्कि देश के तमाम बाइक चालकों के लिए एक उम्मीद थी।
उन्होंने कहा कि सिंगूर में जिस प्रकार से लगातार विरोध-प्रदर्शन हो रहे थे, उसे देखते हुए एक समय उपभोक्ताओं को लगा कि शायद टाटा नैनो प्रोजेक्ट धरातल पर नहीं उतर सके लेकिन रतन टाटा ने स्पष्ट तौर पर कहा कि ग्राहकों से वायदा कर लिया तो कर लिया, उन्होंने इसे साबित कर दिखाया। कॉरपोरेट एथिक्स का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए भट ने कहा कि एक दौर था जब टाटा फाइनांस बुरे दौर से गुजर रहा था लेकिन लोगों के साथ किया कमिटमेंट बना रहे इसी वजह से एक-एक व्यक्ति की राशि वापस की गयी। उन्होंने कहा कि प्रोफेशनल लाइफ में कई प्रकार की चुनौतियों से सामना करना पड़ेगा, लेकिन कभी भी अपने एथिक्स के साथ समझौता नहीं करें।
भास्कर भट ने कहा कि कारपोरेट नैतिकता से व्यक्तिगत नैतिकता को अलग नहीं कर सकते हैं। कहा कि टाटा ग्रुप में काम करने का अपना कोड आफ कंडक्ट है जो कई तरह के चरण होकर गुजरता है। 

उन्होंने कहा ईमानदारी और नैतिकता मेरे लिए एक शब्द है, दो शब्द नहीं। छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए भास्कर भट ने टीसीएस में कम पैकेज के सवाल पर कहा कि हम नौकरियां लेने में नहीं बल्कि उसे बनाए रखने में विश्वास रखते हैं। यही हमारी नैतिकता है। ट्विटर व अन्य मल्टीनेशनल कंपनियों पर भारत में हो रहे मुकदमे के सवाल पर उन्होंने कहा कि कोई भी कंपनी अगर भारत में कार्य कर रही है तो उन्हें भारत सरकार के नियमों का पालन करने का आह्वान किया।

विज्ञापन