टीम एबीएन, विष्णुगढ़ (हजारीबाग)। बिष्णुगढ़ प्रखंड में लंपी नामक जानवरों में फैलने वाली बीमारी की धमक से प्रखंड के गौ वंशों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। बिष्णुगढ़ प्रखंड के कई ग्रामीण क्षेत्रों में जानवर लंपी बीमारी से इफेक्टेड है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बैल गाय के अलावे बकरियों में भी बीमारी होने की खबर मिल रही है।
गौ पालक निजी पशु चिकित्सक से इलाज कराने में मोटे रकम की खर्च कर रहे हैं। इन्हें सरकारी चिकित्सकों का कोई लाभ प्राप्त नहीं हो पा रहा है। गांव-गांव में जाकर बाहरी पशु चिकित्सकों द्वारा मोटे रकम ऐंठ लिया जा रहा है। मामले पर प्रखंड पशु चिकित्सक चंदेश्वर प्रसाद से भेंटवार्ता कर जानकारी मांगने पर बताया कि विगत 2 वर्ष पूर्व जिस तरीके से मानव जीवन के लिए कोरोनावायरस खतरा बना था। उसी प्रकार का लंपी भी जानवरों के लिए एक खतरा है। बाकी जानवरों को इनफेक्टेड जानवरों से दूर रखें। सरकारी अस्तर से गोवंशियों को मिलने वाले लाभ के मामले पर कहा कि प्रखंड स्तर पर अभी कोई सुविधा की बात नहीं है।
कहा कि क्षेत्र में बचाव कार्य के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लेकिन जल्द ही सरकार ग्रामीण क्षेत्र में टीकाकरण अभियान चला सकती है। लंपी वैक्सीन के मामले पर पूछे जाने पर प्रखंड प्रभारी पशु चिकित्सक चंद्रेश्वर प्रसाद ने बताया कि जिला तक टीका पहुंच चुका है। लेकिन अभी प्रखंड स्तर पर वैक्सीन नहीं आने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में टीका उपलब्ध नहीं हो पाया। वैक्सीन के मामले में बताया कि पशुपालक को 2 शुल्क अदा कर वैक्सीन वैक्सीन लेना है वैक्सीन का डोज के मामले पर बताया कि 6 माह में एक डोज इनफेक्टेड पशुओं को पिलाना है।