रांची। वाइबीएन विश्वविद्यालय राजाउलातु, नामकुम, रांची में विश्व भौतिक चिकित्सा दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम किया गया। जिसमें विश्वविद्यालय के शिक्षकेतर कर्मचारी के अलावे नर्सिंग, फामेर्सी, पारामेडिकल के छात्र उपस्थित मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुये विश्वविद्यालय के चेयरमेन रामजी यादव ने बताया कि 1996 में वर्ल्ड कन्फेडरेशन आॅफ फिजिकल थेरेपी ने 8 सितंबर को विश्व भौतिक चिकित्सा दिवस के रूप में नामित किया। इस तिथि की स्थापना 1951 में वर्ल्ड कन्फेडरेशन आॅफ फिजिकल थेरेपी से की गई थी। वर्ल्ड फिजियोथेरेपी का उद्देश्य सदस्य संगठनों को पेशे को बढ़ावा देने और उनकी विशेषज्ञता को आगे बढ़ाने के प्रयासों में सहायता करना है। श्री यादव ने कहा कि इसका उद्देश्य फिजियोथेरेपी के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। इस दिन फिजियोथेरेपिस्टों द्वारा किए गए प्रयासों और समाज में उनके योगदान के लिए उनकी सराहना की जाती है। क्योंकि वे लोगों को पुराने दर्द या जटिल चोटों से होने वाली दिक्कतों से छुटकारा दिलाते हैं। इसके साथ ही इस दिवस का मकसद फिजियोथेरेपी चिकित्सकों के काम को पहचानना भी है जो रोगियों के जीवन को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम को वाइबीएन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एसपी यादव, सीईओ डॉ दीपक कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ चरणजीत सिंह, डॉ अजित प्रसाद महतो, डॉ अंकिता यादव आदि ने संबोधित किया। उक्त जानकारी विवि के चेयरमैन रामजी यादव ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है।