प्रशिक्षुओं ने सीखा ई-कचरे के प्रबंधन का गुर
टीम एबीएन, हजारीबाग। गौतम बुद्ध शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय मुकुंदगंज हजारीबाग में बुधवार को ई-कचरे का प्रबंधन विषयक आॅनलाइन बेबीनॉर का आयोजन किया गया। बेबीनॉर में मुंबई की इलेक्ट्रॉनिक प्रबंधन विशेषज्ञ श्रेया कुमारी ने बीएड व डीएलएड के प्रशिक्षुओं को ई-कचरे के निपटान से संबंधित कई गुर सिखाए। बताया कि ई-कचरे में वे वस्तुएं शामिल हैं जिनके जीवन का अंत हो चुका होता है। जैसे टीवी, फ्रिज, कूलर, एसी, मॉनिटर, कम्प्यूटर, कैलकुलेटर, मोबाइल, इलैक्ट्रॉनिक मशीनों के कलपुर्जे आदि। उन्होंने कहा कि ई-कचरे के खतरनाक पक्ष पर यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो लोग कैंसर या ऐसे ही अन्य खतरनाक रोगों की जद में होंगे। कहा कि इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की बढ़ती मांग के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक कचरा भी बढ़ता जा रहा है। ई-वेस्ट रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक देश में इलेक्ट्रॉनिक कचरे का उत्पादन 7.4 करोड़ मीट्रिक टन तक पहुंच जायेगा।
उन्होंने कहा कि कोई इलेक्ट्रॉनिक वस्तु यदि रिपेयर हो सकती है तो उसका इस्तेमाल करना बेहतर होगा। ई-कचरे के निपटान और प्रबंधन में प्रारंभिक कदम को बताते हुए उन्होंने कहा कि जरूरत के ही इलेक्ट्रॉनिक सामानों की खरीद, ई-कचरे का दान, अप्रयुक्त उत्पादों की बिक्री व लोगों को इसके संभावित खतरे के बारे में जागरूक करना आदि महत्वपूर्ण है। ऐसा करने से न सिर्फ हम बल्कि पर्यावरण को भी सुरक्षित किया जा सकता है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अरविंद कुमार यादव ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए प्रशिक्षुओं को पर्यावरण के अनुकूल जीवन जीने की सलाह दी।
मौके पर व्याख्याता परमेश्वर यादव, महेश प्रसाद ,रचना कुमारी, दीपमाला, लीना कुमारी अब्राहम धान, दिलीप कुमार सिंह, जगेश्वर रजक, गुलशन कुमार, अनिल कुमार, दशरथ कुमार, संदीप खलखो, कनकलता, संदीप कुमार सिन्हा, रूपेश कुमार दास, अंजन कुमार, अखौरी विकास कुमार, पम्मी कुमारी, संजय कुमार वर्मा, ज्योति हेम्मा एक्का आदि मौजूद थे।