जनजातीय संस्कृति व विरासत को किया याद
भगवान बिरसा का योगदान अतुलनीय : प्राचार्य
टीम एबीएन, हजारीबाग। गौतम बुद्ध शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में मंगलवार को झारखंड स्थापना दिवस के मौके पर जनजातीय गौरव दिवस सह भगवान बिरसा मुंडा की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गयी। कार्यक्रम की शुरूआत प्राचार्य डॉ अरविंद कुमार यादव सहित व्याख्याताओं ने दीप प्रज्ज्वलन कर की। मौके पर झारखंड की संस्कृति और विरासत से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किये गये। महाविद्यालय प्रांगण में बिरसा मुंडा की आकर्षक रंगोली बनाई गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान बिरसा मुंडा ने जो योगदान दिया वह अतुलनीय है। महाजनी प्रथा और शोषण के विरुद्ध बिरसा के उलगुलान की चिंगारी ऐसी भड़की कि अंग्रेज की चूलें हिल गई। उन्होंने कहा कि उन्होंने जो विरासत सौंपी है उसे बनाए रखने की जरूरत है। सहायक व्याख्याता डॉ पुष्पा कुमारी सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में बिरसा के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। शोषण के विरुद्ध आवाज उठाते हुए उन्होंने अबुआ राज की वकालत की। मौके पर बीएड व डीएलएड के प्रशिक्षुओं द्वारा झारखंडी संस्कृति से जुड़े लोक नृत्य, लोक गीत की प्रस्तुति शमां बांध दिया। बीएड की प्रशिक्षु अलका सोरेन ने सादरी भाषा में बिरसा के जीवन पर प्रकाश डाला। प्रशिक्षु रजनी कुमारी ने कुड़ुख भाषा, प्रविनता लुगून ने मुंडारी भाषा में भाषण दिया। प्रशिक्षु राजेश कुमार दास व राम सागर कुशवाहा ने झारखंडी लोक नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन प्रशिक्षु सचिन कुमार व धन्यवाद ज्ञापन सहायक व्याख्याता दशरथ कुमार ने की।
मौके पर सहायक व्याख्याता लीना कुमारी, संदीप खलको, दीपमाला, जागेश्वर रजक, संदीप कुमार सिन्हा, रूपेश कुमार दास शिक्षकेत्तर कर्मी अंजन कुमार, पम्मी कुमारी, विकास कुमार अखौरी, संजय वर्मा, ज्योति हेमा एक्का सहित बीएड व डीएलएड के प्रशिक्षु उपस्थित थे।