टीम एबीएन, रांची। फादर कामिल बुल्के पथ स्थित उसूर्लाइन इंटर कॉलेज रांची में वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सोमवार को आयोजित इस कार्यक्रम में कॉलेज के 11 और 12 वीं कामर्स और साइंस की छात्राओं ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। कई सामाजिक समस्याओं पर जागृति के उदेश्य से उन्होंने लघु नाटक भी प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सीआरपीएफ कोबरा बटालियन के वीरेन्द्र कुमार टोप्पो ने कहा कि जिंदगी में हार्ड वर्क के बिना किसी भी प्रकार सफलता नहीं मिल सकती है। सफलता सिर्फ कोई अवसर प्राप्त कर लेना नहीं है। जीवन में काम करते हुए भी पूरे ईमानदारी और मेहनत से देश की सेवा करना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर सजग रहने वाला सबसे महत्वपूर्ण बल है। इसका कार्य ही है असामाजिक तत्व की गतिविधियों से देश को बचाना।
इस अवसर पर उसूर्लाइन इंटर कॉलेज की प्राचार्या डॉ मेरी ग्रेस ने कहा कि हम दो वर्षो के कोरोना काल के संकट के बाद फिर से ऐसा आयोजन कर पा रहे हैं और इसमें हमारे सभी शुभ चिंतको का सहयोग है। स्कूल का निरंतर विकास हमारे लिये सबसे महत्वपूर्ण है। हम छात्राओं से विशेष अपील करते हैं कि वे आज के इलेक्ट्रानिक गजट का उपयोग बहुत सावधानी से करें। कोरोना काल में स्कूल ने आॅन लाइन शिक्षा की भी भरपूर तैयारी कर ली थी और आॉफ लाइन शिक्षा तो चल रहा है। स्कूल को आने वाली कठिनाइयों के बाद भी स्कूल के शिक्षा के स्तर को गिरने नहीं दिया गया है और उन्होंने जोर देकर कहा, हम लगातार सभी समस्याओं के बीच छात्राओं को चतुर्दिक विकास के लिये उन्हें देश-विदेश का भ्रमण भी कराते रहते हैं।
इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि काउंसलर मोटिवेटर और पत्रकार एनके मुरलीधर ने कहा कि मस्ती जीवन का अहम हिस्सा है लेकिन मस्ती करने के लिये हस्ती बनना ही उदेश्य होना चाहिए। जब हस्ती बनके मस्ती की जाती है तब उसका आनंद ही कुछ और होता है। उन्होंने कहा कि उसूर्लाइन एक नबंर का स्कूल है जहां से आप सब विद्यार्थियों को एक नबंर बनकर निकलना है। आज के प्रतियोगिता के युग में निश्चित ही आपको विजेता बनना है।
इस अवसर सीआरपीएफ की आरे से एक विडियो का प्रदर्शन किया गया जिसके माध्यम से दिखाया गया कि किस प्रकार जवान अपना प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। कार्यक्रम में दुष्कर्म जैसे अपराध को लेकर जहां एक गीत प्रस्तुत किया गया वहीं नाटक के माध्यम से देश की सेवा में जान देने वाले जवानों का शौर्य और परिजनों के दुख भी प्रभावी ढंग से दिखाया गया।
कोरोना के संक्रमण के कारण दो वर्षो बाद यह वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया जिसमें इंटर परीक्षा में टॉप करने वाली छात्रों ने भी अपने विचार प्रकट किया। कार्यक्रम में उर्सूलाइन इंटर कॉलेज और स्कूल की शिक्षिकाओं और स्टॉफ ने भी हिस्सा लिया।