टीम एबीएन, रांची। माननीय राज्यपाल रमेश बैस ने आज मारवाड़ी भवन, रांची में आयोजित झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के अष्टम अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि असहाय, गरीबों एवं वंचितों के लिए किये जाने वाला कार्य ही सच्ची समाजसेवा है। समाज की सेवा करने वाले को ही भावी पीढ़ी भी याद रखती है। उन्होंने कहा कि समाजसेवा का अवसर व्यक्ति को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में मिलता है। रायपुर, छत्तीसगढ़ के अस्पतालों में उपचार कराने वाले मरीजों के परिजनों के रहने के लिए वहां के मारवाड़ी समाज ने जी प्लस फोर (जी+4) भवन का निर्माण कराया। वहां एम्स एवं डॉ भीमराव अम्बेडकर मेमोरियल अस्पताल में यह सुविधा मौजूद है। रायपुर के मारवाड़ी समाज द्वारा रिम्स, रांची में भी मरीजों के परिजनों के आवासन के लिए एक जी प्लस फोर भवन के निर्माण का प्रस्ताव दिया गया है। रांची के इस सम्मलेन में उपस्थित प्रतिनिधिगण ने भी कहा भूमि मिलने पर वे भी मरीजों के परिजनों के लिए जी प्लस फोर भवन का निर्माण करा सकेंगे Ι
माननीय राज्यपाल महोदय ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए एक अच्छा इंसान बनने के लिए बच्चों को सुसंस्कृत होना ज़रूरी है। यदि बच्चे सुसंस्कृत नहीं हैं, तो यह हमारी कमी है। हम तभी मजबूत होंगे जब समाज मजबूत होगा, संगठित होगा हम दीवारों पर महापुरुषों का फोटो इसलिए लगाते हैं कि उसमें हमें उनका आदर्श दिखता है और समाजसेवा की प्रेरणा मिलती है। समाजसेवा के लिए दिल बड़ा होना चाहिए न कि शरीर। यदि कोई गरीब अपनी एक रोटी में से आधी रोटी भूखे व्यक्ति को देता है, तो इसका बहुत महत्व है। माननीय राज्यपाल महोदय ने कहा कि शादी-विवाह एवं अन्य अवसरों पर की जाने वाली फिजूलखर्ची एवं प्रतिस्पर्धा स्वस्थ समाज के लिए उचित नहीं है। उन्होंने रांची में जरूरतमंद व्यक्तियों के भोजन के लिए मारवाड़ी समाज के द्वारा चलायी जा रही अन्नपूर्णा सेवा के स्वयंसेवियों प्रमोद अग्रवाल, पुरुषोत्तम विजयवर्गीय, मनोज रुईया एवं द्वारका प्रसाद अग्रवाल को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया। सम्मेलन में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, पूर्व राज्य सभा सांसद महेश पोद्दार, गोवर्धन प्रसाद गडोदिया एवं अन्य गणमान्य व्यक्तिगण उपस्थित थे।