टीम एबीएन, रांची। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 15 नवंबर को झारखंड में भगवान बिरसा मुंडा के पैतृक गांव खूंटी में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगी और जनजातीय महिला स्वयंसेवी संस्थाओं की प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगी। मुंडा ने संवाददाताओं से कहा कि मुर्मू सभी जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित करने और जनजातीय क्षेत्रों एवं समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास के प्रयासों को फिर से सक्रिय करने के लिए मनाये जा रहे जनजातीय गौरव दिवस पर खूंटी गांव में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 15 नवंबर को संसद भवन परिसर में भगवान बिरसा मुंंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके अलावा इस दिन विभिन्न राज्यों की राजधानियों और अन्य शहरों में राज्य सरकारों और राज्य जनजातीय अनुसंधान संस्थानों के सहयोग से युवाओं और जनजातीय कलाकारों के मार्च आयोजन के अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रमों, संगोष्ठियों-कार्यशालाओं का आयोजन, निबंध, गीत, नृत्य, खेल और चित्रकला प्रतियोगिता, और स्वच्छता अभियान जैसे अनेक कार्यक्रमों की भी योजना बनायी गयी है।
उन्होंने बताया कि देश भर में कई जगहों पर स्थापित 392 एकलव्य मॉडल आवासी विद्यालयों की ओर से आयोजित की जाने वाली गतिविधियों की एक शृंखला के साथ इन कार्यक्रमों का एक कलेंडर भी जारी किया जायेगा। स्वतंत्रता आंदोलन में जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान विषय पर सेमिनार, वेबिनार, वार्ताओं का आयोजन विभिन्न स्कूलों में किया जायेगा। जनजातीय गौरव दिवस 2022 के अवसर पर ट्राइफेड ने जनजातीय उत्पादों पर अखिल भारतीय कार्यक्रमों का आयोजन किया है। मुंडा ने एक सवाल के जवाब में बताया कि आदिवासी कल्याण से जुड़े विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिये गये हैं। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में सीबीएसई की तर्ज पर शिक्षा प्रदान करने का निर्णय लिए जाने के बाद इनमें सीबीएसई विद्यालयों की तर्ज पर शिक्षकों की भर्ती की जा रही है। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में तीरंदाजी के विशेष प्रबंध किये गये हैं और कई प्रतिभावान छात्र तीरंदाजी में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं।