टीम एबीएन, रांची। पूर्व उप मुख्यमंत्री और आजसू पार्टी अध्यक्ष सुदेश महतो ने कहा कि विषयों पर राजनीति करना ही झामुमो-कांग्रेस की फितरत है। हेमंत सोरेन सरकार द्वारा स्थानीयता एवं आरक्षण के संदर्भ में लाया गया विधेयक बस एक राजनीतिक पहल मात्र है। वे शुक्रवार को विधानसभा के विशेष सत्र में स्थानीयता एवं आरक्षण को लेकर पारित हुए विधेयक को लेकर ये बातें कही। उन्होंने कहा कि झारखंडी जनमानस की भावनाओं तथा यहां की पहचान और अस्मिता से जुड़े विषय पर दलीय रूप से चर्चा नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। विशेष सत्र में लोकतांत्रिक परंपराओं की अनदेखी हुई। राज्य के सबसे बड़े विषय पर चर्चा तक नहीं होना तथा स्थानीय नीति में वंशावली का ना होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार झारखंडियों को रक्षा कवच प्रदान करने की बात करती है और दूसरी ओर स्थानीय नीति में वंशावली को जगह नहीं देती। इससे इनकी मंशा स्पष्ट होती है। सरकार को यह सुनिश्चित करना था कि कोई अयोग्य व्यक्ति किसी भी रास्ते से आकर झारखंडियों की हकमारी नहीं करे लेकिन वंशावली व्यवस्था को हटाकर सरकार ने बहुत बड़ी गलती की है। उन्होंने कहा कि आबादी के अनुसार ही आरक्षण का दायरा सुनिश्चित हो। इसके लिए जातीय जनगणना की निहायत जरूरत है। बिहार सरकार की तर्ज पर अगर हम भी आगे बढ़ते तो चुनौती देने का रास्ता बंद हो जाता लेकिन सरकार ने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के चक्कर में हड़बड़ी में निर्णय लेकर चुनौतियों का द्वार खोल दिया है।