झारखंड
देवघर : सीएसपी संचालक सहित 18 साइबर अपराधी गिरफ्तार, 29 मोबाइल, 42 सिमकार्ड, 8 एटीएम कार्ड समेत लैपटॉप और पीओएस मशीन भी बरामद
ABN Bureau
•
05 Sep, 2021
•
6 मिनट में पढ़ें
12 Views
विज्ञापन
देवघर। साइबर थाना की पुलिस ने एक सीएसपी संचालक सहित अठारह साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अपराधियों में से एक जसीडीह के रहने वाले रवि रंजन को गुजरात के जाम नगर साइबर सेल की शिकायत के बाद पकड़ा गया है। आरोपी पे नियर बाय का सीएसपी संचालक है और 20 प्रतिशत कमीशन लेकर साइबर अपराधियों को पैसा देता था। इसके साथ ही साइबर थाना की पुलिस ने देवघर जिला के मारगोमुण्डा थाना क्षेत्र के भेड़वा नावाडीह और भेड़वा, पथरौल थाना क्षेत्र के बारा और कुसाहा, मोहनपुर थाना क्षेत्र के मोरने और जसीडीह थाना क्षेत्र के जसीडीह बाजार से अठारह साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। रविवार को इस बाबत आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में पूरे मामले की जानकारी देते हुए मुख्यालय डीएसपी मंगल सिंह जामुदा ने बताया कि इन साइबर अपराधियों के पास से 29 मोबाइल, 42 सिम कार्ड, 8 एटीएम कार्ड, 7 पासबुक, 5 चेकबुक समेत एक लैपटॉप और एक माइक्रो पीओएस मशीन भी बरामद किया गया है। गिरफ्तार अपराधियों में 23 वर्षीय विकास दास, 25 वर्षीय कुंदन दास, 19 वर्षीय बिट्टू दास, 22 वर्षीय सचिन दास, 26 वर्षीय बबलू दास, 22 वर्षीय किसन दास, 19 वर्षीय कन्हाई दास, 25 वर्षीय टिंकू दास, 26 वर्षीय निरंजन दास, 25 वर्षीय पंकज दास, 24 वर्षीय विमल कुमार, 25 वर्षीय पिंटु दास, 19 वर्षीय टिंकू दास, 38 वर्षीय अमित कुमार, 34 वर्षीय रवि रंजन, 21 वर्षीय अरमान अंसारी, 19 वर्षीय अतीक अंसारी और 19 वर्षीय अहसान अंसारी का नाम शामिल है। डीएसपी द्वारा यह जानकारी दी गयी कि गिरफ्तार साइबर अपराधी विकास और कुंदन, किसन और कन्हाई, पिंटु और टिंकू सगे भाई हैं। इसके साथ ही डीएसपी ने बताया कि पकड़े गए कुंदन दास का आपराधिक इतिहास है। वहीं इसके अलावे डीएसपी ने बताया कि इन साइबर अपराधियों द्वारा साइबर ठगी की घटना को अंजाम देने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाते थे। साइबर अपराधी फोन पे कस्टमर को रिक्वेस्ट भेजकर ड्रीम 11, रम्मी और तीन पत्ती गेम के माध्यम से ठगी करते हैं। इसके साथ साइबर अपराधी गूगल सर्च इंजन का कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को लॉटरी का प्रलोभन देकर पैसों की ठगी करते थे। साथ ही ये साइबर अपराधी फर्जी बैंक अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते हैं और उन्हें बताते हैं कि उनका एटीएम बंद होने वाला है। इसके अलावा केवाइसी अपडेट कराने के नाम पर भी ठगी की जाती है। इन अपराधियों द्वारा साइबर ठगी के लिए गूगल पे का भी सहारा लिया जाता था। साथ ही साइबर अपराधियों द्वारा वर्चुअल पेमेंट एड्रेस के माध्यम से भी ठगी की जाती थी।
विज्ञापन