टीम एबीएन, रांची। सिख समुदाय के लिए आज का दिन बेहद खास है। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर सिखों के पहले गुरू गुरु नानक देव का 553वां प्रकाश मनाया जा रहा है। रांची के गुरु नानक स्कूल परिसर में दीवान सजाया गया, पूरा वातावरण शबद कीर्तन से गूंज रहा है। इस कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शिरकत की और मत्था टेका। सीएम ने कहा कि आज गुरु नानक जी को याद करने के लिए हजारों की भीड़ यहां उमड़ी है। उन्होंने प्रकाश पर्व के अवसर पर सभी सिख समुदाय और झारखंडवासियों को शुभकामनाएं दी। मौके पर उन्होंने गुरु नानक स्कूल के पास बने पीसीसी पथ का उद्घाटन भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री से झारखंड की राजनीति में आये हालिया ट्विस्ट पर कुछ सवाल किये गये लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। प्रकाश पर्व में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री सीधे बोकारो में लुगू बुरू के लिए रवाना हो गये। इधर, गुरू के दरबार में मत्था टेकने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। स्कूल कैंपस में विशाल लंगर का आयोजन किया गया है। इस दौरान करीब 30 हजार लोगों के लिए प्रसाद ग्रहण करने की व्यवस्था की गयी है। गुरु नानक देव जी का जन्म 1469 में पंजाब प्रांत के तलवंडी में कार्तिक पूर्णिमा के दिन हुआ था। अब यह पवित्र स्थल पाकिस्तान में है। इस जगह को श्री ननकाना साहिब के नाम से जाना जाता है। बताया जाता है कि नानक जी बचपन से ही अपना ज्यादातर समय चिंतन में बिताते थे। वह एक संत, गुरु और समाज सुधारक भी थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन मानव हित में समर्पित कर दिया था। खास बात है कि 55 वर्षों से रांची में प्रकाश पर्व से दो दिन पूर्व शोभा यात्रा निकालने की परंपरा चली आ रही है। इस साल भी धूमधाम से शोभा यात्रा निकाली गयी।