टीम एबीएन, बरही (हजारीबाग)। प्रखंड परिसर स्थित अब्दुल कलाम पार्क में प्रखंड स्तरीय साक्षरता प्रेरक एवं संयोजिका की बैठक प्रेरक संघ के अध्यक्ष रिजवान अली की अध्यक्षता में हुई। बैठक का संचालन संघ सचिव सुमन लता रानी ने किया। बैठक में आगामी दस नवंबर को झारखंड प्रेरक संघ के बैनर तले राज्यस्तरीय धरना प्रदर्शन में बढ़-चढ़ कर भाग लेने एवं झारखंड सरकार को तीन सूत्री मांग संबंधी ज्ञापन सौपने में सहयोंग करने पर विचार विमर्श किया गया। सभी ने एकमत होकर अपने हक अधिकार के लिए तन मन धन से संघ को सहयोग करने पर सहमति बनाई। ज्ञात हो कि साक्षरता प्रेरक एवं संयोजिका लगातार दस वर्षो से पंचायत स्तर पर दो हजार के अल्प मानदेय पर कार्यरत थे और लाखों लोगों को साक्षर किया है। सरकार के माहत्वकांक्षी योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य किया है, लेकिन भारत सरकार के द्वारा संचालित साक्षर भारत कार्यक्रम अचानक 31 मार्च 2018 को बन्द कर दिया गया। साक्षर भारत कार्यक्रम का संचालन में भारत सरकार के द्वारा पछत्तर प्रतिशत एवं झारखंड सरकार के द्वार पच्चीस प्रतिशत अंशदान से हो रहा था जो कार्यक्रम बन्द हो गया। परंतु प्रेरक एवं संयोजिका का लगभग दो वर्षों का मानदेय आज तक बाकाया है। साथ ही सरकार के द्वारा यह आश्वासन दिगा गया था कि बकाया मानदेय का भुगतान जल्द किया जाएगा और सभी साक्षरता प्रेरक एवं संयोजिका को दुसरे कार्यक्रम में समायोजन किया जाऐगा। परंतु अबतक चार वर्ष बीत जाने के बावजूद बाकाया मानदेय का भुगतान हुआ नहीं हो पाया है।और ना ही समायोजन करने पर पहल किया गया है। जिसके कारण झारखंड में साक्षरता प्रेरक एवं संयोजिका भुखमरी के कगार पर है। लगातार झारखंड राज्य के मुख्यमंत्री, सत्ताधारी विधायक, मंत्री, सांसद एवं विपक्षी विधायको से कई बार गुहार लगा चुके है। लेकिन सिर्फ आश्वासन ही दिया गया है। कोई पहल नहीं किया है। हम सभी बाध्य होकर धरना प्रदर्शन एवं अंदोलन करने को मजबुर है। बताया कि अखबार के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि राजस्थान राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक लाख दस हजार वैसे संविदा कमीर्यों को नियमित करने का एलान कर दिया है जो पांच वर्षो तक सेवा दिए है। हम साक्षरता कर्मी आठ से दस वर्षो तक लगातार सेवा दे चुंके है। झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री से आग्रह है कि हम सभी साक्षरता प्रेरक एवं संयोजिका को अन्य कार्यो में समायोजित करें एवं बाकाया मानदेय का भुगतान कराए ताकि हम साक्षरता कार्मियों का जीवन-यापन हो सके। बैठक में मुख्य रूप से बरही प्रेरक संघ अध्यक्ष रिजवान अली, सचिव सुमनलता रानी, कोषाध्यक्ष आनान्द कुमार सिंह, राम कुमार दास, नरेश प्रजापति, सुरेश पंडित, बीणा देवी, सत्यभामा देवी, सीता देवी, सतेन्द्र यादव, देवेन्द्र कुमार, विनय यादव, दिलीप रजक सहित अन्य लोग शामिल हुए।