टीम एबीएन, रांची। रांची में वायु प्रदूषण सीमा से अधिक दीपावली के बाद से अगर बात करें तो झारखंड के बाकी शहरों में प्रदूषण का स्तर तो सामान्य है, पर रांची में दीपावली के बाद से प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। हवा में मौजूद अति सूक्ष्म धूल कण की बात करें तो सामान्य तौर पर ये 60 माइक्रो ग्राम प्रति क्यूबिक मीटर होना चाहिए। जो सुबह-सुबह बढ़ कर लगभग 96 एम जी सी एम है, जबकि सूक्ष्म कण पीएम 10 की मौजूदगी 100 ug/M3 होना चाहिए, वो बढ़ कर सुबह-सुबह ही 114 है. जबकि ये शनिवार शाम को 182.87 तक हो गया था। यानी राजधानी रांची में दीपावली के बाद से प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है।
रांची का प्रदूषण अब भले ही चिंता बढ़ा रहा है, लेकिन दिवाली की रात जो एयर क्वालिटी इंडेक्स रहा था, उससे प्रदूषण बढ़ा हुआ नहीं लग रहा था। दिवाली की रात में रांची में भी आतिशबाजी हुई थी। इसके बाद शहर की वायु की स्थिति जानी गई तो प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के डिस्प्ले पर सुखद आंकड़े दिख रहे थे। यहां पर सीईओ 0.15,SO2,NOx ,पीएम 10,पीएम2.5 पूरी तरह से कंट्रोल में नजर आ रहा था। कार्बन मोनोऑक्साइड 0.15 मिलीग्राम पर क्यूबिक मीटर था जबकि 2 मिलीग्राम पर क्यूबिक मीटर के बाद वातावरण दूषित होने लगता है। इसी तरह से so2- 2.32, NOx-5.01 , pm10 49.85 और पीएम 2.5 34.95 मिलीग्राम पर क्यूबिक मीटर रहा था जो यह बताने के लिए काफी था कि रांची का वातावरण बिल्कुल स्वच्छ है। क्योंकि लिमिट के बनिस्बत उस समय के मेजरमेंट बहुत ही कम रहे थे। झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव के मुताबिक, राज्य में सिर्फ 125 डेसिबल तक की ध्वनि करने वाले पटाखों की बिक्री की इजाजत है। उन्होंने यह भी बताया था कि इस वर्ष सभी जिलों के शहरी इलाकों में वायु गुणवत्ता का स्तर पिछले साल की तुलना में बहुत बेहतर है। इस आदेश का उल्लघंन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई का विधान है।