टीम एबीएन, रांची। झारखंड में शनिवार को सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) एवं कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से समन भेजे जाने के खिलाफ रांची समेत अनेक स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि, इन विरोध प्रदर्शनों से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने दूरी बनाए रखी। झारखंड विधानसभा में एकमात्र विधायक वाली राजद ने कहा कि उन्हें प्रदर्शन के बारे में आधिकारिक रूप से जानकारी नहीं दी गयी थी। राजद के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव ने कहा, हमें गठबंधन के साझेदारों द्वारा प्रदर्शन के बारे में कुछ भी नहीं बताया गया था। झामुमो ने अपने स्तर पर फैसला किया और कांग्रेस के साथ मिलकर प्रदर्शन किया। हमारे साथ कोई चर्चा नहीं की गई। इसलिए हमने प्रदर्शन से दूर रहने का फैसला किया। ज्ञातव्य है कि तीन नवंबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय की ओर से सैकड़ों करोड़ रुपये के कथित खनन घोटाले में पूछताछ के लिए समन मिला था। हालांकि, मुख्यमंत्री ईडी के समक्ष पेश नहीं हुए और उन्होंने बाद में पेश होने के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा है।
झामुमो के नेतृत्व में झामुमो एवं कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में राजधानी रांची, गिरिडीह, दुमका सहित विभिन्न जिलों में सोरेन को समन भेजने के खिलाफ प्रदर्शन किया। राजधानी रांची में दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता राजभवन तक प्रदर्शन करते हुए गये और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रवर्तन निदेशालय के खिलाफ नारेबाजी की। झामुमो के मुख्य प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि केन्द्र की भाजपा सरकार राज्य की हेमंत सरकार को अस्थिर कर उसे गिराने की साजिश कर रही है, जिसके खिलाफ झामुमो एवं कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह विरोध प्रदर्शन और तेज होगा। इस बीच, कांग्रेस ने भी भाजपा पर गैर भाजपा शासित राज्यों में सरकारों को अस्थिर करने की साजिश करने का आरोप लगाते हुए झामुमो के साथ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।