टीम एबीएन, खूंटी/ रांची। खूंटी में पेयजल आपूर्ति के लिए शहर में बनाए गए जलमीनार में काफी गड़बड़ी सामने आता रहा है। जिसमें शहर के बीच नामकोम मुंडा टोली में बनाये गये सोलर जलमीनार में बोरिंग ही नहीं किया गया है और पुराने चार इंच बोरिंग में ही पाइप डालकर उसे चालू कर दिया गया है। यह इंजिनियर और वार्ड पार्षद तथा ठेकेदार के द्वारा आपसी मिली सांठगांठ से किया गया है। इस पूरे मामले में ठेकेदार का सहयोग वार्ड पार्षद ने किया है। शहर में कई सोलर जल मीनार को जैसे-तैसे बनाकर पैसा निकाल लिया गया। जिसमें दतिया वार्ड में बना सोलर जल मीनार केवल हाथी के दांत बनकर रह गया और जब जेई का तबादला हो गया तो मामला को ही दबा दिया गया। नामकोम ग्रामीणों ने बताया कि यहां लगभग 12 वर्ष पहले से चापाकल बना था। उसी चापाकल को खोलकर उसमें मोटर और पाइप डालकर सोलर जलमीनार लगा दिया गया है। इलाके में रहने वाली मोती देवी ने बताया कि 2008 में चापाकल बना था, और 2021 में उसी में सोलर जलमीनार फिट कर दिया गया। वहीं सुमी देवी ने बताया कि पहले चापाकल बना फिर सोलर और टंकी बाद में लगाया गया। इसपर सोलर जलमीनार फीट कर देने से आसान हो गया। इधर, दतिया वार्ड में अधिष्ठापित सोलर जल मीनार का निर्माण जैसे तैसे किए जाने से बेकार साबित हुआ। विशेष मद से बना यह सोलर जलमीनार का उपयोग मात्र एक माह जैसे तैसे किया जा सका। जिसके बाद उसका लाभ ग्रामीण आज तक नहीं ले पाए। वहीं पूरे मामले में नगर पंचायत अध्यक्ष से पूछने पर बताया कि केंद्र सरकार के विशेष मद से पूरे नगर पंचायत में सोलर जलमीनार अधिष्ठापन नगर पंचायत द्वारा कराया गया था। पर आपसी मिलीभगत से सोलर जल मीनार निर्माण में काफी घोटाला किया गया था। जिसकी जानकारी खूंटी विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा और भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा को भी दिया गया है। लेकिन अभी तक किसी पर कार्रवाई नहीं की जा सकी है और सभी मौन हैं। हालांकि कार्यपालक पदाधिकारी रवि प्रकाश ने कहा कि उन्हें अभी तक ऐसी कोई जानकारी नहीं है। जबकि इस मामले में वार्ड पार्षद सहित सभी लोग जानते हैं।