टीम एबीएन, रांची। झारखंड में राजनीतिक पार्टियां अपना शक्ति प्रदर्शन दिखाने में जुटी है, जिससे आने वाले चुनाव में उन्हें जनता का समर्थन मिल सके। कांग्रेस भारत के साथ-साथ अब झारखंड के तमाम जिलों में भारत जोड़ो अभियान के तहत केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ आक्रोश दिखा रही है, तो वहीं 5 नवंबर को झारखंड मुक्ति मोर्चा के द्वारा पूरे राज्य में आक्रोश रैली निकाली जायेगी। जिसमें पार्टी केंद्र सरकार के खिलाफ मुख्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन करेगी।
इधर, झारखंड में भाजपा भी 7 से 23 नवंबर तक प्रखंड और मुख्यालय पर राज्य सरकार के खिलाफ कई मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। हालांकि, अब देखना है कि इस तरह के राजनीतिक पार्टियों के शक्ति प्रदर्शन से आम जनता पर कितना प्रभाव पड़ेगा।
इस पूरे मामले पर भाजपा प्रवक्ता प्रतुल सहदेव ने कहा, हम सरकार के नाकामियों, भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण, महिलाओं पर अत्याचार के खिलाफ और किसानों से जो भी वादे किये थे उसके खिलाफ हमारा पूर्व घोषित कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि झामुमो भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आंदोलन करने वाली है वो भी तब जब 1000 करोड़ के घोटाले के मामले में मुख्यमंत्री को समन भेजा गया। सहदेव ने कहा कि जेएमएम का आंदोलन झारखंड की जनता को भटकाने के लिए है। कांग्रेस का भारत जोड़ो नहीं भारत तोड़ो अभियान चल रहा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा का आंदोलन सीएम के भ्रष्टाचार को भटकाने के लिए किया जा रहा है।
वहीं, झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि केंद्र पर इतने दाग लगे हैं कि वह दागदार होने से उसका वास्तविक रंग छिप गया है। शनिवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा की आक्रोश रैली बीजेपी और केंद्र सरकार के खिलाफ है। झारखंड की सरकार आदिवासियों की सरकार है। जेएमएम ने कहा कि हम लड़ेंगे और इनका राजनीतिक वजूद खत्म कर देंगे।
इधर कांग्रेस प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, हमारा भारत जोड़ो अभियान पूरे देश के साथ-साथ झारखंड के तमाम जिलों में भी है और हमें लोगों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। जिस तरह भाजपा लोगों को राजनीतिक लाभ के लिए तोड़ रही थी, कांग्रेस आज उसको जोड़ने का काम कर रही है।
रंजन ने आगे कहा, भाजपा ने लगातार लोगों को ठगने का काम किया है। जनता ने 2019 चुनाव के साथ-साथ अन्य और उपचुनाव में भी भाजपा को खारिज कर दिया। बावजूद अलग-अलग हथकंडे अपनाकर राज्य सरकार को पीछे के दरवाजा गिराने की कोशिश की जा रही है। लेकिन वो कभी सफल नहीं होंगे।