हजारीबाग। हजारीबाग पुलिस ने साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से भारी मात्रा में बैंक पासबुक, एटीएम डेबिट कार्ड और फ्रॉड में प्रयुक्त मोबाइल आदि बरामद किए गए हैं। अपराध से अर्जित पैसे से क्रय-विक्रय और लेनदेन किए गए जमीन के कागजात भी बरामद हुए हैं। आरोपियों से सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि स्कोका आउटलुक वेबसाइट पर फर्जी आईडी बनाकर सर्विस प्रोवाइड करने के नाम पर लोगों से ठगी का काम करते हैं। यह जानकारी एसपी मनोज रतन चौथे ने गुरुवार को दी। एसपी ने बताया कि आय से अधिक संपत्ति के तहत कार्रवाई करते हुए ईडी को सूचित कर आरोपियों की प्रॉपर्टी को अटैच किया जाएगा और सारे अकाउंट फ्रीज किए जाएंगे। इसके तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। गिरफ्तार साइबर अपराधियों में मुख्य सरगना किंगपिन रहे बरकट्ठा थाना क्षेत्र के बंडा सिंघा निवासी किशोर साव, रमेश कुमार, विनोद कुमार साव, बेल कप्पी निवासी गौतम कुमार नायक, गोरहर थाना क्षेत्र के सिलाड़ीह निवासी केदार साव और बरकट्ठा थाना क्षेत्र के कोनहरा कला निवासी श्याम सुंदर यादव शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से एक सेंट्रो कार एक बाइक विभिन्न कंपनियों के 8 मोबाइल विभिन्न बैंकों के 13 पासबुक विभिन्न बैंकों के 11 चेक बुक और विभिन्न बैंकों के 11 डेबिट क्रेडिट कार्ड बरामद किए गए हैं। एसपी ने बताया कि मुख्य सरगना किशोर साव में बीएड की डिग्री प्राप्त किए हुए हैं। इसके विरुद्ध गोरहर थाना में 2018 में भी आपराधिक मामला दर्ज किया जा चुका है, जिसमें वह वांछित है। एएपी ने कहा कि गुप्त सूचना मिली की बंडा सिन्घा निवासी किशोर साव के घर के पास कुछ लड़के एकत्रित होकर फोन के माध्यम से लड़कियों की फोटो दिखा कर ठगी का काम कर रहे हैं। इसकी सूचना पर एसपी ने एक टीम का गठन किया। टीम ने सूचना का वेरिफिकेशन करने के बाद किशोर साव के घर के पास पहुंच कर घेराबंदी की। जहां तीन व्यक्ति पुलिस बल को देखकर इधर-उधर भागने लगे। पुलिस ने तीनों को पकड़ लिया। आरोपियों ने बताया कि उनका एक सहयोगी है, जिसका नाम किशोर साव है और वह नीले रंग की सैंट्रो कार में बैठा है। इस सुराग के आधार पर उसे भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर गुरुवार को अन्य दो और अभियुक्तों को भी गिरफ्तार किया गया। एसपी ने बताया कि किशोर साव के घर से 50 लाख रुपए का जमीन का पेपर भी मिला है। इसके अलावा हजारीबाग शहर के कोर्रा में बहुमंजिला इमारत भी बना रखा है। इन सारी संपत्तियों की जांच की जा रही है। इसके लिए सीओ को लिखा गया है ताकि इसके आय का स्रोत स्पष्ट हो सके फिर इनकी संपत्ति को अटैच किए जाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पासबुक फ्रीज करने के लिए बैंक को लिख दिया गया है। यह भी जांच की जा रही है इनके अकाउंट में कहां-कहां से पैसे आए और इनके अकाउंट से कहां-कहां पैसे भेजे गए। एसपी मनोज रतन चौथे ने लोगों से अपील की है कि लोग संदिग्ध लिंक को क्लिक न करें। ऐसे वेबसाइट को ना डाउनलोड करें और ना ही क्लिक करें। अगर इस तरह के मामले आते हैं तो नि:संकोच पुलिस को सूचित करें। सूचना को गोपनीय रखते हुए कार्रवाई की जाएगी।