टीम एबीएन, चतरा। जिले के सुदूरवर्ती कान्हाचट्टी प्रखंड में संचालित पशु चिकित्सालय अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। दरअसल, चिकित्सालय का पुराना भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। आलम यह है छत में दरारें पड़ गई है और भवन के छज्जे भी झूल गये हैं।
अधिकारी ने बताया कि ऐसे में कर्मियों के समक्ष जान का खतरा बना रहता है कि कब छत नीचे आ जाए और लोगों को अपनी जान-माल की क्षति उठानी पड़े। इस भवन में खिडकियां तो है परन्तु एक भी खिड़की में कांच नही है। ऐसे में गर्मी हो या जाड़ा अथवा बरसात सभी मौसम का मार कर्मियों को झेलना पड़ता है।
ठंड के मौसम में सर्द हवाएं, गर्मी में लू के थपेड़े व बरसात में बारिश का पानी सीधा कमरे में घुसकर चिकित्सालय में मौजूद लोगों को परेशान करता है। यहां पदस्थापित भ्रमणशील पशु चिकित्सक डॉ राजेन्द्र प्रसाद मोदी ने कहा कि कई बार स्थिति से अपने वरीय अधिकारियों को लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया गया परन्तु नतीजा कुछ भी नहीं निकला।