टीम एबीएन, हजारीबाग। अंडर 17 फीफा वर्ल्ड कप में भारतीय महिला टीम की कप्तान अष्टम उरांव वर्ल्ड कप खेलने के बाद हजारीबाग कंचन ग्राउंड स्टेडियम पहुंची, जहां झामुमो युवा नेता कमाल कुरैशी ने अपने साथियों के साथ शाल ओढ़कर सम्मानित किया। मौके पर उन्होने कहा कि झारखंड की बेटियां माड़ भात खाकर खेल के क्षेत्र में देश का नेतृत्व कर रही है। झामुमो युवा नेता कमाल कुरैशी से हुई वार्ता में उन्होंने कहा कि मैं आठ माह बाद अपना घर गुमला वापस आई हूं। मुझे बहुत ही सुकून मिल रहा है। क्योंकि अपना घर परिवार एवं जन्म भूमि मुझे बहुत प्यारा है। इसलिए मुझे फाइव स्टार की चकाचौंध से ज्यादा सुकून अपने मिट्टी के खपरैल मकान में मिल रहा है। अष्टम उरांव ने अपने नाम से हो रहे सड़क निर्माण में अपने माता-पिता को मजदूरी करने के मामले में बोली कि मैं एक गरीब परिवार की बेटी हूं और हम लोग पांच भाई बहन हैं। जिस कारण मेरे माता पिता को सभी भाई बहनों को पढ़ाने लिखाने के लिए पैसे की जरूरत होती है। मेरे परिवार का मुख्य पेशा ही मजदूरी करना है, तो मुझे इनके मजदूरी करने से कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने कहा कि मेरे माता-पिता आज मुझे मजदूरी करके ही इस मुकाम तक पहुंचाएं हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी काम छोटा बड़ा नहीं होता है। कहा कि सभी बच्चों में अलग-अलग तरह के काबिलियत होती है। कोई बच्चा पढ़ाई में तो कोई खेल में कोई गाने में तो कोई नाचने में आगे होता है। इसलिए अभिभावक अपने बच्चों को जिस क्षेत्र में जाना चाहते हैं, जिसमें उनका रुचि है उस क्षेत्र में जाने दें। अष्टम उरांव ने कहा कि झारखंड में काफी प्रतिभावान लोग मौजूद हैं। परंतु संसाधन के अभाव में वे आगे नहीं बढ़ पाते हैं। खासकर गुमला जिला, जो एक खेल नगरी बन गई है। यहां सबसे अधिक प्रतिभावान खिलाड़ी हैं गुमला जिला में इंस्टीट्यूट का निर्माण हो जहां पर यहां के बच्चे पढ़ाई के साथ खेल का भी प्रशिक्षण ले और वे आगे बढ़ सके। बातचीत में झामुमो युवा नेता कमाल कुरैशी ने उनका हौसला अफजाई किया और कहा खेल में हार जीत तो लगी रहती हैं। आप हजारीबाग के महिला फुटबॉलर खिलाड़ी के लिए आदर्श बनीं हैं। उम्मीद करूंगा कि जब भी यहां के खिलाड़ियों को हौसला अफजाई या ट्रेनिंग की बात हो आप हजारीबाग आयें।