झारखंड
राजस्व उपनिरीक्षक कर्मियों के बेमियादी हड़ताल को सीटू का समर्थन
ABN Bureau
•
01 Nov, 2022
•
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टीम एबीएन, कोडरमा। पिछले 47 दिनों से जारी राजस्व कर्मियों की राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल को सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) ने समर्थन करते हुए झारखंड सरकार से राजस्व कर्मियों की सभी जायज मांगों को स्वीकार कर अविलंब हड़ताल समाप्त करने की मांग की है। झारखंड राज्य राजस्व उपनिरीक्षक संघ के बैनर तले जिला समाहरणालय पर 16 सितंबर से जारी अनिश्चितकालीन धरना मे शामिल कर्मियों को सम्बोधित करते हुए सीटू राज्य कमेटी सदस्य संजय पासवान ने कहा कि हड़ताल के कारण अंचल कार्यालयों में काम-काज पूरी ठप्प है, जिसके कारण जमीन का दाखिल खारिज समेत आय, जाति और आवासीय प्रमाण पत्र के लाखों आवेदन लंबित पड़े हुए हैं। इससे छात्रों समेत आम नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। झारखंड के छात्र और युवा प्रतियोगी परीक्षाओं के फार्म नहीं भर पा रहें हैं और आय, जाति व आवासीय प्रमाण पत्र नहीं बनने की वजह से शिक्षण संस्थानों में दाखिला लेने में दिक्कत हो रही है। प्राकृतिक आपदा, सड़क दुर्घटना मे मृत्यु या घायल के परिवारों की जांच प्रतिवेदन बाधित है। वंशावली, जमीन मापी, पंजी दो में सुधार का काम बंद है। पीएम किसान योजना, मुख्यमंत्री फसल राहत योजना, केसीसी लोन का काम भी पूरी तरह से प्रभावित है। सीटू राज्य सरकार से अपील करती है कि जनहित में इस हड़ताल को अविलंब समाप्त कराये जाने के लिए पहल करे। कर्मचारी महासंघ के जिला संयुक्त सचिव दिनेश रविदास ने हड़ताल का समर्थन करते हुए कहा कि पिछली रघुवर दास सरकार के समय भी राजस्व कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर लंबी अवधि तक हड़ताल की थी उस समय के राजस्व मंत्री चंद्र प्रकाश चौधरी द्वारा इनकी मांगों पर उचित कदम उठाये जाने के आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त की गई थी। लेकिन इनकी मांगों को पूरा किये जाने की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया जिसके चलते इन्हें पुन: हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। धरना मे झारखंड राज्य राजस्व उपनिरीक्षक संघ के जिलाध्यक्ष हरिकृष्ण प्रसाद, जिला सचिव आलोक कुमार शर्मा, रविंद्र कुमार, आनंद कुमार, राजीव रंजन, सुमित कुमार शर्मा, पंकज कुमार, नीतीश कुमार, सनोज कुमार यादव, चंदन कुमार, मनोज कुमार यादव आदि राजस्व कर्मचारी मौजूद थे।
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