झारखंड
झारखंड : राज्य सरकार की इस पॉलिसी का कितना मिलेगा लाभ
ABN Bureau
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30 Oct, 2022
•
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टीम एबीएन, रांची। झारखंड इंडस्ट्रियल पार्क एंड लॉजिस्टिक पॉलिसी 2022 राज्य में लागू हो गयी है। इधर, उद्योग विभाग ने भी इसकी सूचना जारी कर दी है। बता दें कि अब राज्य में निजी क्षेत्र के जो भी औद्योगिक पार्क या लॉजिस्टिक पार्क बनाये जायेंगे, उन्हें राज्य सरकार की इस नीति का लाभ मिल सकेगा। सरकार की इस योजना से लोगों को काफी लाभ मिलेगा।
इस नई नीति में इंडस्ट्रियल पार्क के आकार और क्षमता के अनुरूप सब्सिडी का प्रावधान किया है, जिसमें परियोजना लागत के 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दिये जाने का प्रावधान है। साथ ही इसमें अपर लिमिट तय की गयी है। इसके अलावा 10 एकड़ में पांच यूनिट क्षमता के पार्क बनाने पर सात करोड़ रुपये सब्सिडी का प्रावधान दिया जायेगा। इसके अलावा 15 एकड़ में छह यूनिट क्षमता के पार्क बनाने पर 9.55 करोड़, 25 एकड़ में आठ यूनिट क्षमता के पार्क बनाने पर 14.65 करोड़, 40 एकड़ में 11 यूनिट की क्षमता पर 22.30 करोड़ व 75 एकड़ में 18 यूनिट क्षमता के पार्क बनाने पर 40 करोड़ रुपये तक सब्सिडी दिये जाने का प्रावधान है।
बता दें कि इंटरेस्ट सब्सिडी के रूप में पांच प्रतिशत सालाना अगले पांच वर्षों के लिए दिये जायेंगे। साथ ही स्टांप ड्यूटी व निबंधन शुल्क में शतप्रतिशत वापसी का प्रावधान है। स्किल डेवलपमेंट सब्सिडी के रूप 13 हजार रुपये प्रति कर्मचारी को दिये जा रहे हैं। उक्त लाभ प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क, ज्वाइंट वेंचर अथवा पीपीपी मोड इंडस्ट्रियल पार्क, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क व लॉजिस्टिक पार्क के लिए जायेंगे। पार्क में अप्रोच रोड, इंडस्ट्रियल पार्क तक पहुंच पथ का निर्माण, इंडस्ट्रियल एस्टेट के इंटरनल रोड का निर्माण व ड्रेनेज की सुविधा का भी निर्माण करना होगा। साथ ही स्ट्रीट लाइट, पानी का वितरण, बिजली, गैस के वितरण की सुविधा, कम्यूनिकेशन नेटवर्क, वेयरहाउस, पीएचसी, प्रशिक्षण केंद्र, कॉमन फैसलिटी सेंटर व डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान के साथ बनाना होगा। इसके लिए मास्टर प्लान बनाकर पहले मास्टर प्लान कमेटी से मंजूरी लेनी होगी।
लॉजिस्टिक पॉलिसी 2022 के तहत कई प्रावधान किये गये हैं। लॉजिस्टिक पार्क, एयर फ्रेट स्टेशन, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क, वेयर हाउस, कोल्ड चेन या फ्री ट्रेड वेयरहाउस जोन लॉजिस्टिक पार्क पॉलिसी के दायरे में आयेंगे। इसके तहत कार्गो की सुविधा देनी है, साथ ही आंतरिक सड़क, वाटर पाइपलाइन, ड्रेनेज लाइन, डिस्पोजल सुविधा, पावर लाइन, फीडर पार्किंग, सोलर पैनल आदि की सुविधा उपलब्ध होगी।
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