टीम एबीएन, बिष्णुगढ़ (हजारीबाग)। प्रखंड के गैड़ा, अलपीटो समेत कई पंचायत के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्र लंबे समय से बीमार है। जिसका इलाज प्रखंड प्रशासन समेत स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधियों तक के पास शायद नहीं है या दम तोड़ता स्वास्थ्य केंद्र के प्रति किसी की दिलचस्पी नहीं होने का परिणाम है। जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति इतनी खराब है कि प्रतिनियुक्त चिकित्सक कहीं तो बैठते नहीं और कहीं बैठना नहीं चाहते। गैड़ा पंचायत में बने लाखों की लागत के स्वास्थ्य केंद्र लंबे पेड़ पौधे व झाड़ियां उगने से जंगल का रूप ले चुका है। खिड़की दरवाजा का भी अस्तित्व खत्म हो चुका है। अलपीटो पंचायत में कामरेड विनोद सिंह के वित्त प्रदत स्वास्थ्य केंद्र दम तोड़ चुका है, बारिश के दिनों में पानी का रिसाव होती है तो दीवारें और खिड़कियां जर्जर है। बताते चलें कि यहां अन्नपूर्णा देवी के प्रतिनिधि समेत बगोदर विधायक प्रतिनिधि हाल ए दीदार कर चुके हैं। फाइलेरिया दवा वितरण के वक्त एक नेता सह जनप्रतिनिधि स्थति को देख अंदर जाने से बचते हुए स्वास्थ्य केंद्र के बाहर तस्वीर का पोस्ट किए थे। वहीं नेता द्वारा एनएम के समक्ष भयानक स्थिति जिक्र किया की अंदर में डर लग रहा है। किसी नेता को स्वास्थ्य केंद्र में घुसने में अगर डर लग रहा हो तो काम करने वाली एनएम जान हथेली में लेकर कितनी काम कर सकती है यह अंदाजा लगाया जा सकता है। स्थिति की जानकारी मंत्री, विधायक, स्थानीय प्रशासन प्रखंड व जिला स्वास्थ्य विभाग को भी है लिहाजा अमृत काल में भी स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति नाजुक है।।स्थिति वस्तु पर यह दो लाइने सटीक बैठती है कि सरकार के मुलाजिमों के घर की चमक कभी मिटती नहीं और सरकारी घर कभी चमकता नहीं।