हजारीबाग। शहर की सड़कों और मोहल्लो की सफाई की अब नगर निगम के सफाई कर्मचारी नहीं बल्कि स्पीपिंग मशीन से होगी। 1.50 करोड़ की दो स्पीपिंग मशीन नगर निगम के द्वारा खरीदगी की गयी है। इसका उद्घाटन नगर निगम आयुक्त गरिमा सिंह ने बड़े धूम-धाम से मंगलवार को किया। हालांकि जहां एक तरफ निगम के अधिकारी इस मशीन को लेकर वाह-वाही लूट रहें हैं। वहीं नगर निगम के सफाई कर्मचारी अपने रोजगार को लेकर सशंकित हैं। इस संबंध में भारतीय कर्मचारी मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष व नगर निगम के सफाई कर्मचारियों के नेता विवेक वाल्मीकि ने कहा कि नगर निगम के द्वारा सड़को की सफाई करने के लिए जो मशीन लायी गयी है उसका संगठन विरोध करती है। इस मशीन से जहां सफाई कर्मचारियों का आर्थिक हनन होगा वही निगम के द्वारा बेफिजूल का लगभग 3 करोड़ रुपया बर्बाद किया गया है। क्योंकि इस मशीन से सिर्फ नेशनल हाइवे जैसे सड़को की ही सफाई की जा सकती है। शहर की वार्डो गलियों की सफाई नही की जा सकती है। मशीन को लाकर शहर वासियों को ठगने का काम किया गया है। नगर निगम सफाई कर्मचारियों की तीन महीने का बकाया पैसा, मृत कर्मचारियों का बकाया राशि देने में असमर्थ है। वही करोड़ो की मशीन ला कर सिर्फ अपना जेब भरने का काम किया है। जो बकाया पैसा सफाई कर्मचारियों को मिलना चाहिए था उनके हक के पैसों को बर्बाद कर दिया गया है। इस संबंध में जानकारी लेने पर नगर निगम महापौर रौशनी तिर्की ने कहा कि उनकी जानकारी के बगैर मशीन की खरीदगी की गयी है। पार्षदों ने बैठक में इस मशीन का विरोध किया था। यह मशीन पूर्व नगर आयुक्त माधवी मिश्रा के समय में लिया गया है। सीटी मैनेजर महफूज ने बताया कि एक मशीन की कीमत 1.50 डेढ करोड़ रूपये है। ट्रायल करके देख लेते हैं कि मशीन की कितनी उपयोगिता है। अगर उपयोगी रहा तो ठीक नहीं तो वापस भेज दिया जाएगा।